भारत के कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है कोरोना संक्रमण
केरल में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक 1950 सक्रिय मामले
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सक्रिय मामलों की संख्या 6,000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। बीते 24 घंटे में छह संक्रमितों की मौत की पुष्टि हुई है। जनवरी 2025 से अब तक कुल 65 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित राज्य केरल बना हुआ है, जहां 1950 सक्रिय मामले हैं। यह स्थिति न सिर्फ खतरनाक संकेत है, बल्कि यह दर्शाती है कि संक्रमण की मौजूदा लहर किसी भी समय विकराल रूप ले सकती है।
कोरोना संक्रमण : केरल, गुजरात और दिल्ली टॉप पर
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के मामले जिस तेजी से बढ़े हैं, उसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को फिर अलर्ट मोड में ला दिया है। केरल में 1950 केस, गुजरात में 822, दिल्ली में 686, महाराष्ट्र में 595, कर्नाटक में 366, उत्तर प्रदेश में 219, तमिलनाडु में 194, राजस्थान में 132 और हरियाणा में 102 एक्टिव केस हैं। पिछले 48 घंटों में 769 नए संक्रमण सामने आए हैं। बीते 24 घंटे की अवधि में दर्ज की गई छह मौतें और बढ़ते केस गवाही देते हैं कि हालात हल्के में लेने योग्य नहीं हैं।
मौतों का सिलसिला डरावना
कोरोना संक्रमण की वजह से बीते 24 घंटे में छह लोगों की मौत हुई है। केरल में 3, कर्नाटक में 2 और तमिलनाडु में 1 संक्रमित की जान चली गई। मृतकों की उम्र 42 से 92 वर्ष के बीच थी और सभी को पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। यह ट्रेंड स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जिन लोगों को पहले से बीमारियां हैं, उनके लिए कोविड का नया स्वरूप खतरनाक साबित हो रहा है।
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केंद्र सरकार अलर्ट, मॉक ड्रिल का आदेश
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल कराई जा रही है। आईसीएमआर, एनसीडीसी और आईडीएसपी जैसी एजेंसियों को फिर से सक्रिय कर दिया गया है।
तकनीकी समीक्षा बैठकें और दिशा निर्देश
2 और 3 जून को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दिल्ली में व्यापक स्तर पर तकनीकी बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में केंद्र और राज्य सरकार के स्वास्थ्य अधिकारी, संस्थान और आपदा प्रबंधन इकाइयां शामिल रहीं। कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उसकी रोकथाम को लेकर जरूरी निर्णय लिए गए।
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बारीकी से निगरानी, SARI और ILI पर फोकस
4 जून को IDSP के तहत सभी राज्य और जिला निगरानी इकाइयों को SARI (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) और ILI (इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी) की बारीकी से निगरानी के निर्देश दिए गए। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी भर्ती SARI मामलों और 5% ILI मामलों के टेस्ट अनिवार्य होंगे। पॉजिटिव मामलों के जीनोम सीक्वेंसिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
संक्रमण की गति खतरनाक मोड़ पर
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोरोना संक्रमण के अधिकतर मामले अब भी हल्के हैं और होम आइसोलेशन से ही ठीक हो जा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह लहर अगर इसी रफ्तार से जारी रही, तो स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव बढ़ सकता है।
संक्रमण को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है
विशेषज्ञों ने चेताया है कि लोगों को मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने जैसे पुराने कोविड नियमों को फिर से अपनाने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण के केस जिस तेजी से फैल रहे हैं, वो आने वाले हफ्तों में घातक हो सकते हैं।
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