‘रामलला दर्शन’ के लिए चैत रामनवमी पर रहा अभूतपूर्व इंतजाम
भीड़ ने तोड़े सभी रेकॉर्ड, चैत रामनवमी पर रामलला ने 16 घंटे दिए दर्शन
ड्रोन से की गई निगरानी, श्रद्धालुओं पर छिड़का गया सरयू नदी का जल, वीवीआईपी निकासी मार्ग बदला
संवाददाता
अयोध्या। चैत रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या नगरी में रामभक्ति का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। ऐतिहासिक राम मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ माहौल को उत्सवमय बना दिया। रविवार को अनुमानित ढाई लाख से अधिक रामभक्तों ने रामलला के दर्शन किए। यह दृश्य श्रद्धा, सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय का जीवंत उदाहरण बन गया।
रामलला दर्शन के लिए नहीं हुआ कोई व्यवधान
रविवार को चैत रामनवमी होने के कारण तड़के मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के पट खुले, दर्शन का सिलसिला बिना किसी मध्याह्न विश्राम के लगातार 16 घंटे तक चला। आम दिनों की तुलना में इस बार न तो राम मंदिर में मध्याह्न बंदी हुई, न ही किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न हुआ। यहां तक कि अभिषेक और श्रृंगार के दौरान भी दर्शन बंद नहीं किए गए। भक्तों को दर्शन की निरंतरता के बीच दिव्यता का अनुभव मिला।
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सुरक्षा रही सख्त, व्यवस्थाएं रहीं दुरुस्त
चैत रामनवमी से एक दिन पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौकस हो चुकी थी। शनिवार की शाम से ही रामपथ और रामजन्मभूमि पथ पर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। रामलला के सूर्यतिलक और विशेष अभिषेक के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रस्ट और पुलिस प्रशासन ने निकासी मार्ग में फेरबदल किया। वीवीआईपी गेट संख्या तीन से आम दर्शनार्थियों को बाहर निकाला गया, जबकि वीवीआईपी आगंतुकों को पूर्व के गेट नंबर 11 से प्रवेश की अनुमति दी गई।

सुरक्षा और तकनीक का अद्वितीय समन्वय
एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे के अनुसार दोपहर बाद जब भीड़ में थोड़ी कमी आई, तब अंगद टीला परिसर से फिर से श्रद्धालुओं की निकासी प्रारंभ कर दी गई। पूरे आयोजन के दौरान पांच ड्रोन लगातार निगरानी में लगे रहे। एक विशेष ड्रोन बाहर से आए श्रद्धालुओं पर पवित्र सरयू जल का छिड़काव करता रहा, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभूति के साथ-साथ शीतलता का एहसास मिला।
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श्रद्धालुओं को मिला भोजन प्रसाद, दर्शन रहे सुलभ
निकासी मार्ग में बदलाव के बावजूद सीता रसोई से भोजन प्रसाद का वितरण निरंतर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण कर अपनी क्षुधा शांत की। रविवार को अनुमानित ढाई लाख से अधिक भक्तों ने रामलला के दर्शन किए, जो कि अब तक का एक नया रिकॉर्ड है। शनिवार को यह संख्या लगभग 90 हजार थी।
पासधारकों को दोपहर बाद मिला अवसर
विशेष पासधारकों को दर्शन का अवसर दोपहर दो बजे के बाद से मिला। रात 10 बजे तक भक्तों की आवाजाही जारी रही और शयन आरती तक दर्शन की व्यवस्था सामान्य रही। इस दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की खबर नहीं आई, जिससे यह आयोजन पूर्णतः सफल रहा।
प्रशासन की सूझबूझ और समर्पण दिखा असर
आइजी प्रवीण कुमार और एसएसपी राजकरण नैय्यर के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन की सटीक योजना ने इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई। पुलिसकर्मी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्वयंसेवक, मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन या प्रसाद वितरण में कोई बाधा न हो।

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