Tuesday, April 21, 2026
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स्वास्थ्य निदेशक पैरामेडिकल ने मनमाने ढंग से किये स्थानांतरण- जेएन तिवारी

लखनऊ(हि. स.)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने यहां कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण उद्योग लगातार फल-फूल रहा है। पैरामेडिकल कर्मचारियों को अपनी खेती समझने वाला स्वास्थ्य महानिदेशालय मनमाने ढंग से कर्मचारियों के स्थानांतरण से बाज नहीं आ रहा है। इस वर्ष स्थानांतरण नीति में समूह ग के कर्मचारियों के लिए केवल पटल परिवर्तन की व्यवस्था की गई थी, जो कर्मचारी पटल परिवर्तन की परिधि से बाहर थे। या फिर स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण चाह रहे थे। पति-पत्नी का समायोजन, पदोन्नति पर समायोजन, प्रशासनिक आधार पर समायोजन के लिए 10 प्रतिशत की सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन स्वास्थ्य महानिदेशक एवं निदेशक पैरामेडिकल डॉ. निरुपमा दीक्षित ने स्थानांतरण नीति की धज्जियां उड़ाते हुए मनमाने ढंग से स्थानांतरण कर दिए।

जेएन तिवारी ने कहा कि इसी प्रकार के स्थानांतरण 2018-2019 में भी किए गए थे, जिसकी शिकायत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से की थी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के तबादलों की जांच कराई थी और उस समय महानिदेशक एवं निदेशक पैरामेडिकल को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई थी। साथ ही संबंधित अनुभाग के कई लिपिक, प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबन का दंश झेलना पड़ा था, परंतु विगत वर्षों की गलतियों से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सबक नहीं लिया और इस वर्ष पुनः मनमाने ढंग से स्थानांतरण कर दिए।

उन्होंने कहा कि स्थानांतरण सूचियों में बहुत गड़बड़ियां हैं। कई जनपदों के कर्मचारियों को स्थानांतरण में छुआ तक नहीं गया है। कई वर्गों के कर्मचारी 28-30 बरस तक एक ही स्थान पर जमे होने के बावजूद भी नहीं हटाए गए हैं, जबकि कार्मिक स्थानांतरण नीति के प्रस्तर 12 के विरुद्ध जाकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वाराणसी जनपद के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव, ईसीजी टेक्नीशियन, इलाहाबाद जनपद के मंत्री लैब टेक्नीशियन, अरुण सिंह, लखीमपुर जनपद के अध्यक्ष लैब टेक्नीशियन इंद्रजीत सिंह, लखीमपुर जनपद के ही मंत्री फार्मासिस्ट सहदेव सिंह सचान जैसे कई पदाधिकारियों को जनपद से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। जबकि स्थानांतरण नीति में इनको नीति के प्रस्तर 12 के अनुसार जनपद से बाहर स्थानांतरित नहीं किया जाना था। उन्होंने कहा कि जनपद वाराणसी में ही फार्मेसिस्ट एवं कई अन्य संवर्ग के पदाधिकारियों को जो एक ही स्थान पर 28-30 वर्ष से जमे हुए हैं, नहीं हटाया गया है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने पैरामेडिकल कर्मचारियों के नीति विरुद्ध किए गए स्थानांतरण का संज्ञान लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से शिकायत की है। उन्होंने निदेशक पैरामेडिकल द्वारा किए गए सभी स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए जांच कराने की मांग की है।

जेएन तिवारी ने उपमुख्यमंत्री से मांग की कि निदेशक पैरामेडिकल डा निरुपमा दीक्षित द्वारा किए गए सभी स्थानांतरण की जांच करा कर तत्काल उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। संयुक्त परिषद नीति विरुद्ध किए गए स्थानांतरण के सभी साक्ष्य उप मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराएगी।

शरद

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