वाराणसी (हि.स.)। कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद का असर वाराणसी में भी सोमवार को दिखा। शिवपुर स्थित गुरुनानक खालसा स्कूल के बाहर कुछ लोगों ने तिरंगा हाथों में लेकर हिजाब बैन करने की मांग कर जमकर प्रदर्शन किया।
उनका आरोप था कि विद्यालय प्रबंधन मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहन कर स्कूल आने की अनुमति दे रहा है। यह पूरी तरह गलत है,इस पर रोक लगनी चाहिए। प्रदर्शन की सूचना पाते ही वहां पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को फटकारते हुए उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई। उधर,विद्यालय की प्रधानाचार्य निर्मला राठौर ने प्रदर्शनकारियों के आरोप को सिरे से नकार दिया।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने बताया कि स्कूल में निर्धारित ड्रेस कोड में ही छात्राएं आती हैं। ड्रेस कोड का अनुशासन के साथ कड़ाई से पालन कराया जाता है। स्कूल के बाहर निकलने पर कौन क्या पहनता है, इससे विद्यालय को कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल का सीसीटीवी कैमरा भी देखा जा सकता है। विद्यालय में छात्राएं ड्रेस कोड में ही रहती है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोग अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस अफसरों ने भी सख्त रुख अपनाया है।
उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय माहौल खराब करने वालों के साथ सख्ती होगी। थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपितों पर आचार संहिता का उल्लंघन, भीड़ इकट्ठा करने पर विधिक प्रक्रियाएं की जा रही हैं। हिजाब का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व छात्रनेता हिमांशु चतुर्वेदी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।
श्रीधर
