लखनऊ(हि.स.)। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव को शुक्रवार को समाजवादी पार्टी से प्रसपा के गठबंधन पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। बधाई देने वालों में ज्यादातर विधानसभा सीटों के दावेदार हैं।
चाचा शिवपाल यादव से भतीजे अखिलेश यादव के मुलाकात को दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक उठापटक से जोड़ कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बहुत जल्द ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अखिलेश यादव और उनके चाचा मंच साझा करते और गठबंधन की घोषणा करते नजर आएंगै।
शिवपाल यादव के राजनीतिक कद के मद्देनजर अखिलेश यादव की उनसे मुलाकात सिर्फ राजनीतिक समझौते जैसी न होकर पारिवारिक संबंधों को जोड़ने वाली साबित होगी। शिवपाल यादव के समर्थकों में इस बात का उत्साह है कि अखिलेश यादव को स्वयं अपने चाचा शिवपाल यादव के पास आना पड़ा। उनसे गठबंधन पर चर्चा करनी पड़ी।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में अब टिकट पाने की लालसा है। उत्साहपूर्ण वातावरण में सुबह से ही पार्टी अध्यक्ष शिवपाल यादव को कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की बधाइयां मिल रही हैं। प्रसपा नेताओं के अनुसार जिस विधानसभा में समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार कमजोर हैं, वहां से उनकी दावेदारी मजबूत है। फिर जहां सपा मजबूत हैं, वहां उनके उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे।
दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की मानें तो समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव में 20 सीटों पर बात चल रही है। कुछ कम ज्यादा पर बात बनने की उम्मीद है।
शरद
