मेरठ (हि.स.)। शासन द्वारा लिखे गए पत्र से आक्रोशित पश्चिम उप्र के अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अगली रणनीति बनाने के लिए 19 मई को मेरठ बार एसोसिएशन की आम सभा होगी।
मेरठ बार एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को पश्चिम उप्र के जिलों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि उप्र शासन के विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल ने एक पत्र सभी जिलाधिकारियों को लिखा है। उसमें कहा गया है कि जनपद न्यायालयों में अधिवक्ताओं की ओर से किए जाने वाले अराजकतापूर्ण कृत्यों का तत्काल संज्ञान लिया जाना सुनिश्चित करते हुए संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाए। समय-समय पर की गई कार्रवाई की सूचना से शासन को अवगत कराया जाए।
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह, महामंत्री अजय शर्मा, नरेंद्र पाल सिंह, गजेंद्र सिंह धामा, पीडी शर्मा, संजय शर्मा, मनोज गुप्ता, रामकुमार शर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों ने जिला जज रजत सिंह जैन से मुलाकात की। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर शासन के पत्र को तानाशाही बताया। इसके विरोध में 19 मई को मेरठ बार एसोसिएशन की आम सभा बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
कुलदीप
