Thursday, August 20, 2026
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रैपिड रेल प्रोजेक्ट: ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यूनिक सोलाट्यूब लाइटिंग का प्रयोग

गाजियाबाद(हि.स.)। भारत की प्रथम रीजनल रेल के परिचालन के लिए गाज़ियाबाद के दुहाई डिपो में बनाई गई आरआरटीएस की प्रशासनिक बिल्डिंग में रोशनी के लिए अत्याधुनिक तकनीक से तैयार सोलाट्यूब डे-लाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इस ग्रीन एनर्जी सिस्टम के प्रयोग से दिन में जब तक सूर्य का प्रकाश रहता है, तब तक बिल्डिंग में बिजली की बचत की जा सकेगी।

सोलाट्यूब डे-लाइटिंग सिस्टम प्रशासनिक बिल्डिंग की सबसे ऊपर वाली तीसरी मंजिल में लगाया गया है। इस मंजिल में वर्किंग डेस्क, कॉरिडॉर, कॉमन एरिया और वाशरूम आदि में कुल लगभग 30 सोलाट्यूब डे-लाइट लगाई जा रही है।

एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि भारत में स्वच्छ और हरित पर्यावरण की दिशा में योगदान करने के अपने दृष्टिकोण के तहत, एनसीआरटीसी सभी आरआरटीएस स्टेशनों, डिपो और अन्य भवनों के लिए आईजीबीसी सर्टिफिकेशन की उच्चतम रेटिंग प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। सोलाट्यूब डे-लाइटिंग सिस्टम का प्रयोग भी इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है, जिसकी मदद से ग्रीन एनर्जी के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि स्टेशन व डिपो के अलावा आरआरटीएस के सभी पावर सब-स्टेशनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, लैंडस्केपिंग, ग्रीन बेल्ट आदि भी विकसित किये जाएंगे। यहां बिजली के सब-स्टेशनों में एलईडी लाइटें होंगी, ए.सी पर्यावरण के अनुकूल होंगे, वेंटिलेशन व नेचुरल हवा के लिए खिड़कियां और अन्य बुनियादी ढांचे निर्मित किए जाएंगे।

इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह सूरज के प्रकाश को ग्लास ट्यूब की मदद से बिल्डिंग में फैला देता है। यह सोलर ऊर्जा प्रणाली नहीं है बल्कि यह सिस्टम सूरज के प्रकाश को एक ट्यूब के जरिये सीधा उस एरिया में ट्रांसफर करता है, जहां रोशनी की ज़रूरत होती है।

सोलाट्यूब डे-लाइटिंग सिस्टम में डोम (कैप्चर ज़ोन), फ़्लैशर (डोम सपोर्ट), रिफलेक्टिव इन्फिनिटी ट्यूब (ट्रान्सफर ज़ोन) और डिफ्यूजर या बल्ब (डिलिवरी ज़ोन) चार घटक होते हैं।उन्होंने बताया किडोम (कैप्चर ज़ोन) सूरज से प्रकाश प्राप्त करने वाली गोल आकार की गुंबद जैसी डिवाइस होती है, जिसे खुली छत पर लगाया जाता है। डोम पारदर्शी और अल्ट्रावायलट प्रकाश प्रतिरोधी होता है। यह सूर्य के प्रकाश को रीसीव करता है। डोम के सपोर्ट के लिए इसके साथ ही फ्लैशर लगाया जाता है, जिसकी मदद से डोम अपनी जगह से नहीं हिलता। इसके बाद प्रकाश रिफलेक्टिव इंफिनिटी ट्यूब में आता है। इस ट्यूब का दूसरा हिस्सा बिल्डिंग के अंदर डिफ्यूजर से कनेक्ट होता है। रिफलेक्टिव इन्फिनिटी ट्यूब डोम से मिलने वाले प्रकाश को डिफ्यूजर तक पहुंचाती है और डिफ्यूजर कमरे या जहां भी इसे लगाया है, वहां रोशनी कर देता है।

फरमान अली

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