वाराणसी(हि.स.)। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के निधन पर लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रख उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
सामाजिक संस्था वंदेमातरम् समिति के कार्यकर्ताओं ने सिगरा नगर निगम स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के गेट पर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने जापान सरकार से शिंजो आबे के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अपील की। समिति के अध्यक्ष अनूप जायसवाल ने कहा कि शिंजो आबे प्रधानमंत्री मोदी के परम मित्र थे और उनका काशीवासियों से भी विशेष लगाव था। भारत ने अपना एक अभिन्न मित्र खोया है, जो हर मुद्दे पर भारत के साथ खड़ा रहा। शिंजो आबे वाराणसी आए थे तब उन्होंने मां गंगा की आरती की, दर्शन-पूजन किया था। साथ ही हम काशीवासियों को ये रुद्राक्ष सेंटर भेंट स्वरूप दिया। इसी क्रम में नमामि गंगे के कार्यकर्ताओं ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती से जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यकर्ताओं ने वाराणसी यात्रा के दौरन शिंजो आबे जिस घाट पर बैठे थे उसी स्थल से गंगा आरती कर उनके लिए मोक्ष की कामना की। कार्यक्रम संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रगाढ़ मित्र, महान वैश्विक एवं उत्कृष्ट राजनेता और एक उल्लेखनीय प्रशासक को काशी की तरफ से गंगा किनारे पुष्पांजलि अर्पित की गई। आबे की पहल पर वाराणसी इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशनल सेंटर (रुद्राक्ष) के लिए जापान ने 186 करोड़ रुपये की मदद की थी। आबे ने भारत-जापान संबंधों को एक विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान दिया। काशी के विकास के लिए आबे के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।
श्रीधर
