– माता-पिता के साथ ही शिक्षकों के प्रति ईमानदार रहें छात्र
कानपुर (हि.स.)। भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और युवा भी अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन कर रहे हैं। खासकर जो छात्र विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत हैं और जो पढ़कर आगे बढ़ गये हैं उनसे अच्छी उम्मीदें हैं। ऐसे ही युवाओं के कंधों पर भारत को विश्व गुरु बनाने की जिम्मेदारी भी है। इसलिए छात्रों को चाहिये कि कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग के जरिये पढ़ाई करें और आगे बढ़ते रहें। यह बातें शुक्रवार को कानपुर के मंधना स्थित रामा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को इस बात की अभी से चिंता करना चाहिये कि देश की आजादी के 100 साल पूरा होने पर उन्हे किस प्रकार का देश चाहिये। हर छात्र पढ़ाई के साथ ही अपने परिवार और अपने देश के लिए कुछ करने के लिए संकल्पित हो। इस संकल्प के साथ जब छात्र आगे बढ़ेगा तो देश की तरक्की स्वाभाविक होगी और उनका परिवार भी खुशहाल होगा। हां इसके लिए जरुरी है कि छात्र को माता-पिता और शिक्षकों के प्रति इमानदार रहना पड़ेगा। राज्यपाल ने रामा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद से मूल्यांकन कराने और समाजसेवा के कार्यो में बढ़ कर हिस्सा लेने की भी अपील की।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट बनाएं, जिससे छात्र गांवों में जाकर सरकार की नीतियों का सही से क्रियान्वयन करा सकें और लोगों की समस्याओं को सामने लाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिला सकें। आगे कहा कि छात्र चाहे जितने आगे बढ़ जाएं लेकिन कभी अपनी मां को नहीं भूलना है। क्योंकि वह कर्म, भक्ति व ज्ञान योग से काम करके बच्चों के जीवन का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
3222 छात्रों को मिले अवार्ड
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2019 से 2022 तक के 3222 छात्रों और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इसमें से 133 छात्रों को गोल्ड मेडल, 102 को सिल्वर और 45 को पीएचडी की डिग्री दी गई। इसके साथ ही कार्यक्रम में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, 25 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट, अनाथालय और प्राइमरी स्कूल के बच्चों को स्टेशनरी किट व बैग का वितरण किया गया।
अजय सिंह
