मुक्ताकाशी मंच से राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व का जोरदार आगाज
झांसी(हि.स.)। ‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी, इस वाक्य ने स्वराज जैसे आंदोलन को जन्म दिया। महारानी का जीवन भले ही छोटा था लेकिन उन्होंने अपने शौर्य और पराक्रम से उसे नई बुलंदियों तक पहुंचाया। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में अपने राजपाट, अपने परिजनों और अपने बच्चे को खोया। लेकिन राष्ट्र के सम्मान को नहीं खोया। यही उन्हें शिखर पर पहुंचाता है। उन्होंने नारी शक्ति का पुनर्जागरण किया और दिखा दिया कि नारी न तो अबला है और न ही रणभूमि उसके लिए कोई बाधा है।
उक्त विचार बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई के 193 जन्मदिवस पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व जलसा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व विधायक रवि शर्मा को यशस्वी व लोकप्रिय बताया। कहा कि वीर भूमि पर आयोजित रक्षा पर्व अद्भुत परंपरा का उत्सव है। मैं मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करना चाहता हूं। यह पर्व आजादी के अमृत महोत्सव से हमें जोड़ता है। झांसी का कण-कण महारानी के शौर्य और पराक्रम से ओतप्रोत है। महारानी की राष्ट्रभक्ति और मिट्टी को नमन करता हूं।
सुभद्रा कुमारी चौहान की पंक्तियां याद करते हुए कहा कि गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी, बूढ़े भारत में भी आई नयी जवानी थी। चमक उठी सन सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।
रक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दुर्भाग्य से महिलाओं को आजादी के बाद सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने का कम ही अवसर मिला। महिलाएं रक्षा व सुरक्षा के मामले में बहुत कुछ करके दिखा सकती हैं। सुभाषचंद्र बोस ने अपनी एक रेजिमेंट महिलाओं की ही बनाई थी। उसका नाम रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर था। कहा कि जबसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश का बागडोर संभाला है, तब से महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ रही है। बताया कि जब मैं गृह मंत्री था हमने एडवाइजरी जारी की थी। और उसके बाद पुलिस में भागीदारी बढ़ी। तीनों सेनाओं में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। यही महारानी लक्ष्मीबाई के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
आगे उन्होंने कहा कि वह राष्ट्र रक्षा का ही भाव था जिसने चाणक्य द्वारा चंद्रगुप्त मौर्य को आक्रांताओं से लड़ने को खड़ा किया। महाराणा प्रताप को मुगलों के खिलाफ खड़ा किया। हमारे पूर्वजों ने क्या किया है उससे प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है। किसी समय हमारी आजादी का अर्थ अंग्रेजों से मुक्ति का था। फिर विदेशी सहायता कम करते हुए विकास की यात्रा तय करना था। लेकिन आज हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर बनकर विकास की ओर अग्रसर होना है।
कहा कि भारत अब सामरिक आजादी भी हासिल करेगा। एक से डेढ़ दशक में वह समय आयेगा, जब हमारे जवानों के लिए हथियार भी देश में ही बनेंगे। जो हथियार दूसरे देशों से लेते थे अब हम भारत के जवानों के हाथों में अपने हथियार देंगे।
कहा कि स्वदेश से गांधी जी का मतलब हमें अपने देश की वस्तुओं के प्रयोग से था। एक समय था कि देश में बुनियादी वस्तुओं का पूर्णतः अभाव था। अब अधिकांश वस्तुएं देश में ही बनाई जा रही हैं। स्वास्थ के क्षेत्र में 111 करोड़ से अधिक वैक्सिनेशन बड़ी उपलब्धि है। आज पारंपरिक व गैर पारंपरिक चुनौतियां हमारे सामने हैं। पहले सीमा का खतरा था, आज साइबर आक्रमण व अंतरिक्ष में भी खतरा है। इसी वर्ष तय किया है कि 209 ऐसी चीजें जो दूसरे देशों से आती थीं अब देश में ही बनेंगी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में डिफेंस कॉरिडोर के लिए काम हो रहा है। भारत जैसे देश दूसरों पर निर्भर रहकर विकास नहीं कर सकते, इसलिए आत्मनिर्भर बनने से ही देश का विकास होगा। बताया कि हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड को 50 हजार करोड़ का आर्डर हथियार बनाने का दिया है। यह अब तक का किसी भारतीय कंपनी का सबसे बड़ा आर्डर है। यह अपने आप में एक आदर्श कार्य है। 38 हजार करोड़ का निर्यात अब तक देश ने किया है। 10 हजार से अधिक एमएसएमई का जुड़ना इतिहास है। इन्हीं नीतियों की देन योगी को यशस्वी बनाती है।
बताया कि पहले 70 से 80 प्रतिशत खरीद बाहर से खरीदते थे। अब तय किया है कि चाहे जो हो जाए भारत में बने हुए समान का उपयोग करेंगे। इस देश की सामुहिक संकल्प शक्ति सबसे बड़ी ताकत है। विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति भारत के पास है। हम इतिहास के ऐसे निर्णायक मोड़ पर हैं जहां पहले बहुत कुछ कर चुके हैं और बहुत कुछ करने की अब आवश्यकता है।
कहा कि झांसी की रानी ने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया। हमें भी इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी तारीफ करते हुए कहा कि वह कर्मयोग व भक्तियोग के समन्वय हैं। यूपी की तारीफ अन्य राज्यों में हो रही है। घर की मुर्गी तो साग बराबर होती है। योगी जी के साथ भी ऐसा ही है। आप नहीं जानते पर अन्य राज्यों में आपके मुख्यमंत्री की चर्चा होती है। एक्सप्रेसवे का प्रयोग युद्धक विमानों को उतारने में भी होता है। इस कार्य को करिश्माई व्यक्ति मोदी और योगी ने किया है। यह है नया भारत और यह है नया उत्तर प्रदेश।
कहा कि जब भारत में माफिया राज पर नकेल कसने की बात होती है तो यूपी की बात होती है। हार्ट बीट जानते हैं। योगी का नाम आते ही माफियाओं की हार्ट बीट बढ़ जाती है। एक जिला एक उत्पाद अन्य राज्यों के लिए नमूना बन चुका है। आबादी में यूपी सबसे बड़ा राज्य है। कोविड प्रबंधन के लिए योगी को पुनः आभार। झांसी का जर्रा जर्रा आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए भी आप सभी को हार्दिक बधाई।
इससे पूर्व रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर जलसा पर्व का शुभारंभ किया। शंखनाद व रमतूला के वादन के साथ सभी का स्वागत किया गया। राधा प्रजापति व साथियों ने बुंदेली राई नृत्य प्रस्तुत किया। अंत में सांसद अनुराग शर्मा ने सभी का आभार जताया।
