-महिलाओं को टिकट देने में कांग्रेस रही है फिसड्डी
-2017 के चुनावों में महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा से जोड़ने में भाजपा अव्वल
-पिछले चुनावों में विपक्षी दलों ने की महिलाओं की उपेक्षा, भाजपा के मुकाबले कम दी सीटें
लखनऊ (हि.स.)। विधानसभा चुनाव में आधी आबादी के वोटों को अपनी ओर लुभाने के लिए सभी दल तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने गुरुवार को महिला वोटरों को लुभाने की इस नीति पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले चुनावों में विपक्षी पार्टियों की अपेक्षा अधिक महिला उम्मीदवारों को टिकट दिए।
विमला बाथम ने कहा कि भाजपा सिर्फ चुनावों के लिए महिलाओं का समर्थन नहीं करती बल्कि संगठन में भी 35 प्रतिशत से अधिक महिलाएं सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि केवल महिलाओं को टिकट देना ही महत्वपूर्ण नहीं है। सामाजिक परिवेश में उनकी भागीदारी को बढ़ाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। रोजगार, शिक्षा, अधिकार, सुरक्षा समेत दूसरे मुद्दों पर महिलाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है जिसपर भाजपा लगातार काम कर रही है। चुनावी दौर में सिर्फ महिला वोटरों को लुभाने के लिए विपक्षी पार्टियों की ओर से चले जा रहे इन दांव का असर जमीनी स्तर पर फीका होना वाला है।
महिलाओं को टिकट देने के मामले में कांग्रेस का पिछला रिकॉर्ड सबसे खराब रहा है। अगर साल 2017 विधानसभा चुनाव की बात करें तो महिलाओं को टिकट देने के मामले में कांग्रेस फिसड्डी रही है। इस मामले में कांग्रेस से आगे भाजपा रही थी। पिछली बार हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 46 महिलाओं को टिकट दिया था जो कि 12 प्रतिशत है। महिलाओं को टिकट देने के मामले में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर थी जिसने कुल 12 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था।
महिलाओं के उत्थान में हुए 2017 के बाद जमकर काम
विमला बाथम ने कहा कि पांच साल के दौरान उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य हुआ है। प्रदेश सरकार ने केवल चुनावों में नहीं बल्कि पांच सालों में महिलाओं के उत्थान के लिए जमकर काम किया है। उज्ज्वला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, शबरी संकल्प अभियान, महिला शक्ति केन्द्र, किशोरी बालिका योजना, मुख्यमंत्री सश्रम सुपोषण योजना, सखी सेंटर, महिला हेल्पलाइन 1090, मिशन शक्ति, घरौनी योजना, मातृ वंदना योजना, कन्या सुमंगला योजना, एंटी रोमियो स्क्वॉड, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, स्वामित्व योजना के तहत सीधे तौर पर महिलाओं को लाभ मिला है।
2017 में किस पार्टी ने उतारे थे कितने महिला उम्मीदवार
भाजपा – 46 (12 प्रतिशत)
सपा – 34 (11 प्रतिशत)
बसपा – 21 (05 प्रतिशत)
कांग्रेस – 12 (10 प्रतिशत)
आरएलडी – 27 (10 प्रतिशत)
अपना दल – 02 (18 प्रतिशत)
पीएन द्विवेदी/ पवन
