कानपुर देहात (हि.स.)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर के एक दिन पहले मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनपद के सभी सभी मंदिरों में सजावट के साथ पुलिस प्रशासन ने भी अपनी टोली लगा दी है। शिवरात्रि को भव्य बनाने के लिए मंदिर प्रशासन लगा हुआ है।
जनपद के रसूलाबाद में धर्मगढ़ शिव मंदिर शिवरात्रि के दिन भक्तों द्वारा जलाभिषेक के साथ हर हर महादेव के जयकारों से गुंजाय मान होगा। मंदिर की मान्यता है कि कस्बा रसूलाबाद के मध्य स्थिति एक विशाल खेड़ा है जिसको कभी अंग्रेजों द्वारा राजा दरियावचन्द्र का किला कहा जाता था उसको ध्वस्त कर दिया था।
राजा दरियाव चन्द्र का किला कहा जाने वाला यह गढ़, जिसमें एक धर्मगिरी नाम के सन्त रहा करते थे। जो शिव आराधना में लीन होकर तपस्या किया करते थे। कालकालान्तर बीत जाने के बाद यहां यह किला खंडहर के रूप में बदल गया था। लेकिन सन्त की त्याग तपस्या के चलते आज विश्व विख्यात अपना यह स्थान एक सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाने लगा।
आपको बताते चलें कि, यहां पर प्रत्येक महारुद्राभिषेक के साथ हर मंगलवार को सुन्दरपाठ का कार्यक्रम किया जाता है। मान्यता यहां तक है कि इस शिव मंदिर में जगतगुरु शंकराचार्य के साथ कई मठों के शंकराचार्य आ चुके हैं और अश्वनि मास में यहां एक विशाल श्री मदद्भागवत कथा का आयोजन भी हुआ करता था है। इसके साथ ही मान्यता के अनुसार मंदिर में कभी कोई भी झूठ नहीं बोल सकता और जिसने बोला भी है उसको बाबा दण्ड भी देते हैं।
यहां श्रावण मास में बिठूर से मंदिर तक पैदल चलकर लाखों की संख्या में भक्तगण अपनी मनोकामना के साथ जल चढ़ाते है। जिनकी भोलेनाथ मनोकामनाएं पूर्ण करते है। इसी क्रम में महा शिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रत्येक वर्ष की भांति दिव्य स्वरूप को देने के लिए रात्रिदिन यहां के सत्संग कमेटी के सदस्यों के द्वारा मेहनत कर स्वरूप दिया जा रहा। कानून व्यवस्था को ध्यान में रख कर कई थानों की फोर्स व्यवस्था रहती है जिसमें किसी की भी किसी प्रकार की समस्या न हो। मंगलवार को महाशिवरात्रि के दिन सुबह चार बजे से ही भक्तों की लंबी लाइनें देखी जा सकती हैं।
शिवरात्रि पर व्यवस्थाएं
महाशिवरात्रि के दिन पुलिस द्वारा भी सभी व्यवस्थाएं की जायेगीं। यहां आने वाले भक्तों को कोई दिक्कत न हो इसको लेकर भी रणनीति तैयार कर ली गई है। शिवरात्रि के पूरा दिन यहां प्रसाद वितरण किया जयेगा।
सज गईं दुकानें
शिवरात्रि के दिन फल फूल और मिठाई की अधिकाधिक आवश्यकता पड़ती है। इसको लेकर एक दिन पहले से ही फूल वालों ने फूल, धतूरा, बेल आदि कि व्यवस्था कर ली है। वहीं, फल दुकानदारों ने भी फलों का स्टॉक लर लिया है। प्रसाद में उपयोग होने वाले मिठाई का भी भंडारण कर लिया गया है। इस दिन सबसे ज्यादा जलाभिषेक और दूध से अभिषेक होना है जिसको लेकर भी तैयारियां पूरी हैं।
अवनीश
