– तहसील से कचहरी तक निकाला पैदल मार्च
कौशांबी (हि.स.)। प्रयागराज में हुई राजू पाल की हत्या के आरोपित और माफिया अतीक के गुर्गे अब्दुल कवी के करीबियों का घर गिराये जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। शनिवार सुबह कचहरी खुलते ही भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि हत्याकांड के आरोपी अब्दुल कवी पर कुर्की की कार्रवाई होने के बाद परिजनों ने उसे परिवार से बेदखल कर दिया था। बावजूद इसके पुलिस व प्रशासन में जबरन रिश्तेदारों का घर गिराया है। अधिवक्तागण, डीएम से मिलकर मामले की शिकायत करना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया।
सराय अकिल के भाखदा गांव में शुक्रवार को हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में अधिवक्ताओं ने शनिवार को सड़क पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अराजक होती स्थिति को काबू करने पहुंची पुलिस से अधिवक्ता भिड़ गए। आरोप है कि प्रशासन ने गलत तरीके से उनके अधिवक्ता साथी अब्दुल कादिर का मकान गिरा दिया है। मकान की मौजूदा कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसे अधिकारियों ने शुक्रवार को बिना किसी नोटिस के बुलडोजर से ढहा दिया।
पीड़ित अधिवक्ता अब्दुल कादिर ने बताया, यह बात सत्य है कि उनका भाई अब्दुल कवी विधायक राजू पाल के हत्याकांड में शामिल था। नाम सामने आने के बाद परिवार ने उसे घर एवं संपत्ति से बेदखल कर दिया। वह पिछले 18 सालों से गांव नहीं आया था। बावजूद इसके प्रशासनिक अफसरों ने गलत तरीके से उनकी संपत्ति को बुलडोजर से गिरा दिया। इसकी उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।
मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के महामंत्री लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने बताया, प्रशासनिक अफसर व पुलिस शासन के दबाव में आकर मनमानी तरीके से अधिवक्ता साथियों पर जुल्म कर रही हैं। वह माफिया पर की गई कार्रवाई का विरोध नहीं करते, लेकिन प्रशासन को कार्यवाही से पूर्व जानकारी देनी चाहिए थी। जो अफसरों ने नहीं किया वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं। साथ ही जिलाधिकारी से मिलकर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।
अजय
