– उल्टी-दस्त के साथ पीडियाट्रिक विभाग में मरीज बच्चों की लग रही भीड़, डॉक्टरों की सलाह न होने दे शरीर में पानी की कमी
कानपुर (हि.स.)। भीषण गर्मी में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही वायरल, डीहाईड्रेशन, पीडियाट्रिक विभाग में संक्रमण से ग्रसित मरीज बच्चे भारी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। गर्मी के प्रकोप में इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में रोजना ओपीडी में 1500 से अधिक मरीजों के पर्चें बन रहे हैं।
मई माह की शुरूआत से ही लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। बढ़ते तापमान के चलते लोगों में वायरल संक्रमण का प्रकोप भी तेजी से फैल रहा है। इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। इससे उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जनपद के जिला अस्पताल उर्सला में लगातार उल्टी, दस्त के मरीज चिकित्सीय उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। यहां पर ओपीडी में मरीजों की रोजाना भीड़ जमा हो रही है। मरीजों की संख्या की बात की जाए तो इन दिनों 1500 से 1600 पर्चे ओपीडी में मरीजों को दिखाने के लिए बन रहे हैं। आम दिनों में यहां 700 पर्चे ही बनते थे। दोगुने से अधिक मरीजों को देखने के लिए डॉक्टरों की ओपीडी के बाहर लम्बी लम्बी लाइनें लगी हुई हैं। डॉक्टरों द्वारा मरीजों को भीषण गर्मी में खाली पेट व पर्याप्त पानी पीकर ही निकलने की सलाह दी जा रही है।
जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉक्टर गौतम जैन ने बताया कि गर्मी के दिनों में ताजा भोजन करें, पानी अधिक पिएं, खाने में हरी सब्जी व ताजे फल लें। रात में अधिक खाने से बचे और संयमित और संतुलित आहार सेहत के लिए लाभकारी है। उल्टी, दस्त की शिकायत पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क कर दवाएं लेकर स्वास्थ व सेहतमंद रहें।
बाल रोगियों की भी संख्या बढ़ी
गर्मी का प्रकोप बच्चों में भी खासा देखा जा रहा है। जिला अस्पताल में बच्चों के पीडियाट्रिक विभाग में वायरल व डीहाईड्रेशन से ग्रसित मरीज बच्चे आ रहे हैं। डॉक्टरों द्वारा बच्चों को ओआरएस का घोल देने के साथ धूप में न निकलने की सलाह दी जा रही है। जिला अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। यहां पर रोजना तीन से चार सौ बच्चों के पर्चे बन रहे हैं।
जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक डॉक्टर बी0 सी0 पाल ने बताया कि बदलते मौसम में उल्टी, दस्त के साथ बच्चों में वायरल व डीहाईड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत हैं। बच्चों में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए ओआरएस का घोल उन्हें पिलाते रहें। बच्चों में पेट दर्द, बुखार, जुकाम आदि के साथ अन्य लक्षण दिखते ही डॉक्टरों से परामर्श लेते हुए दवाएं दें। डॉ पाल का कहना है कि बढ़ती गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखते हुए सेहतमंद रखा जा सकता है।
बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में 7 सदस्यीय समिति का गठित
उर्सला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता मे एक 7 सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जो चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को शासन की मंशा के अनुरूप सभी सुविधायें उपलब्ध कराना, चिकित्सालय में बाहरी व्यक्तियों/दलालों का प्रवेश रोकना तथा बाहर की दवाओं के साथ ही अनिधिकृत धन के लेन देन तथा मरीजों से दुर्व्यवहार आदि पर रोक लगाना आदि बिन्दुओं पर ठोस कार्यवाही करेगी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनिल निगम ने शनिवार को बताया कि समय समय द्वारा किसी भी प्रकार मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए समिति के सदस्य लगातार अस्पताल का निरीक्षण करते हैं। मरीजों को बेहतर उपचार मिले इसकी निगरानी बनाए रखते हैं। यह रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही हैं। हालांकि इन दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक आ रही है, जिन्हें बेहतर उपचार मिले, इसके लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई गई हैं।
महमूद/मोहित
