-प्रत्येक एक्सप्रेस ट्रेन में सामान्य की 31 और दिव्यांग की 06 सहित 37 सीटें बढ़ीं
-पावरकार की जगह एलएसएलआरडी कोच लगाने से ट्रेनों में बढ़ीं सीटें
लखनऊ (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने एलएचबी (लिंक हाॅफ मैन बुश) बोगियों से लैस होकर चलने वाली 40 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों की रेक से एक पावरकार हटाकर 2,960 सीटें बढ़ा ली हैं। इससे यात्रियों के लिए अब अधिक सीटें उपलब्ध हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे की इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली 40 जोड़ी ट्रेनों में पावरकार की जगह हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) सिस्टम से बिजली मिलने लगी है। इस तकनीक से रेलवे ने एलएचबी बोगियों से लैस होकर चलने वाली 40 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों की रेक से एक पावरकार हटाकर 2,960 सीटें बढ़ा ली हैं। इससे यात्रियों को बढ़ी हुई सीटों का अब सीधा फायदा मिलना शुरू हो गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे की 40 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में पावरकार अब एक विकल्प के रूप में है। एचओजी फेल होने या विशेष परिस्थिति में ही पावरकार को चलाया जाता है। नई व्यवस्था से यात्रियों को प्रत्येक ट्रेन में न सिर्फ अतिरिक्त सीटें मिल जा रही हैं, बल्कि डीजल की बचत भी हो रही है। पार्सल सामानों की ढुलाई के लिए ब्रेकवान के रूप में पर्याप्त जगह मिल जा रही, ऊपर से पर्यावरण भी संरक्षित हो रहा है।
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार का कहना है कि पूर्वोत्तर रेलवे के करीब 87 प्रतिशत से अधिक रेलमार्गों का विद्युतीकरण हो चुका है। शेष मार्गों का भी इस वर्ष विद्युतीकरण कर लिया जाएगा। एलएचबी बोगियों की रेक से चलने वाली सभी 40 जोड़ी ट्रेनों को एचओजी तकनीक के माध्यम से चलाया जा रहा है। इससे डीजल की खपत में काफी कमी आई है और रेल राजस्व की बचत भी हो रही है।
दीपक
