– 12 जुलाई के बाद एक बार फिर कानपुर परिक्षेत्र में सक्रिय होगा मानसून
कानपुर (हि.स.)। जुलाई माह का करीब एक तिहाई समय बीतने जा रहा है और बारिश मात्र 55.8 मिमी ही हो सकी जो औसत बारिश से 217.3 मिमी कम है। इसके साथ ही पिछले वर्ष की बराबरी के लिए अभी 293.5 मिमी बारिश होनी चाहिये। हालांकि मानसून के रुख को देखते हुए संभव होता नहीं दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि 12 जुलाई के बाद ट्रफ रेखा उत्तर प्रदेश की ओर रुख करेगी तभी यहां पर तेज बारिश होगी।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पाण्डेय ने शनिवार को बताया कि मानसून के उत्तर प्रदेश से नीचे खिसकने के कारण कानपुर मंडल का तापमान फिर से बढ़ने लगा है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवा के कारण उमस भरी गर्मी भी पड़ रही है। इन हवाओं के कारण आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी के अलावा तेज बारिश नहीं हो पा रही है। वर्तमान में मानसून की अक्षीय रेखा दक्षिण पाकिस्तान से राजस्थान, मध्य प्रदेश होते हुए मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसी वजह से वहां पर तो बारिश हो रही है लेकिन कानपुर परिक्षेत्र में सिर्फ बूंदाबांदी हो रही है।
बताया कि मानसून की ट्रफ रेखा खिसकने से बीते सात दिनों से कानपुर में तेज बारिश नहीं हुई। संभावना है कि 12 जुलाई के बाद ट्रफ रेखा उत्तर प्रदेश और बिहार में बनेगी और तेज बारिश हो सकेगी। 12 जुलाई के बाद कितनी बारिश होगी इसका आंकलन अभी नहीं किया जा सकता है, लेकिन यह संभावना है कि पिछले वर्ष जुलाई माह में हुई 349.3 मिमी बारिश से काफी कम रहेगी।
अजय
