Sunday, April 19, 2026
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पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ने लगी गलन, फसल को लेकर खुश हुए किसान

– किसानों को है अच्छी पैदावार की संभावना, फसलों की हो चुकी है बुवाई

कानपुर (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभ के साथ बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवात जवाद का असर मैदानी क्षेत्रों में पड़ने लगा है। मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है और धीरे-धीरे सर्द भरी गलन बढ़ने लगी है। इससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है और उनको उम्मीद है कि अबकी बार रवी की फसलों की पैदावार बेहतर होगी। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि सर्दी में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे फसलों के उत्पादन पर अधिक असर नहीं पड़ेगा और किसानों की आशा के अनुरुप उत्पादन होगा।

सर्द मौसम भले ही आम लोगों को ठिठुरने के लिए मजबूर कर रहा हो, लेकिन इस मौसम ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। हो भी क्यों न जनपद में रवी की फसलों के लिए बुवाई लगभग हो चुकी है। बुवाई के बाद सर्दी बढ़ने से किसानों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। क्योंकि खरीफ की फसल मौसम की मार के चलते किसानों की आशा के अनुरुप नहीं हुई। यही नहीं गर्मी में सूखे की मार झेल चुके किसानों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। ऐसे में अब मौसम के मिजाज को देखते हुए किसानों को रवी की फसल से बहुत उम्मीदें हैं। यहां पर गेंहू, चना, मटर, सरसों और आलू की फसलें उगाई जाती हैं, जिसमें गेंहू और आलू प्रमुख फसल है।

तापमान गिरने से बेहतर होगी फसल

चौबेपुर के किसान रवी कटियार का कहना है कि सर्दी बढ़ने से अच्छी फसल होने की उम्मीद जगी है। यह मौसम रबी की सभी फसलों के लिए अच्छा है। तेज बारिश न हो तो सर्दी का मौसम रबी की सभी फसलों के लिए अच्छा होता है। ठंड बढ़ने से गेहूं, मटर और सरसों का दाना फूलता है, उत्पादन भी बेहतर होता है। इस महीने ऐसा ही मौसम रहा तो बेहतर पैदावार होगी। हल्की बूंदाबांदी फसलों के लाभदायक है। इससे सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। लागत कम आती है।

घाटमपुर के किसान दिनेश सिंह का कहना है कि सर्दी बढ़ने से मटर, सरसों, गेहूं आदि की फसलों में दाना अच्छा पड़ता है। जैसा मौसम चल रहा है, वैसा ही मौसम यदि कुछ दिनों तक रहा तो अच्छा होगा। थोड़ी पानी गिर जाए तो और भी अच्छा होगा। रबी की फसल में पानी डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी। साथ ही पैदावार भी अच्छी होगी।

बिल्हौर के किसान रामकुमार तिवारी का कहना है कि हमारे यहां गेंहू के साथ सब्जी फसलों की अधिक बुवाई होती है। सब्जी की फसलों पर सर्दी का असर अधिक नहीं पड़ेगा, लेकिन कोहरा और पाला पड़ने से टमाटर और आलू की पत्तियों में रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है।

कृषि वैज्ञानिक का कहना

कृषि वैज्ञानिक डॉ खलील खान का कहना है कि सर्दी के साथ ही कोहरा भी फायदेमंद है। कोहरे से छोटी छोटी बूंद यानि ओस का पानी मिलने से फसल में नमी बनी रहेगी। बूंदाबांदी का फसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मिट्टी में नमी रहेगी तो सिंचाई की ज्यादा आवश्यकता नहीं होगी।

पाला कर सकता है नुकसान

मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन सुनील पाण्डेय ने बताया कि पाला पड़ने से आलू की फसल को नुकसान हो सकता है। तेज बारिश सभी फसलों के लिए नुकसानदायक होती है। फिलहाल ऐसी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। कोहरे से भी नुकसान नहीं होगा। गेहूं, मटर, सरसों, मसूर आदि फसलों की अच्छी पैदावार होने की संभावनाएं हैं।

अजय/मोहित

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