मेरठ(हि.स.)। कड़ाके की सर्दी में लोग अपने घरों में रूम हीटर, गैस गीजर और अंगीठी का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन सावधानी नहीं बरतने के कारण ये उपकरण लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। मेरठ में गैस गीजर के कारण एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है तो कमरे में अंगीठी जलाकर सोने पर तीन लोग मर चुके हैं। डॉक्टरों ने लोगों को इन उपकरणों का सावधानीपूर्वक प्रयोग करने की सलाह दी है।
गैस गीजर, रूम हीटर और अंगीठी के जरिए सर्दी बचाने का फार्मूला लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। मेरठ में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही आसपास के जिलों में भी कई लोग दम तोड़ चुके हैं। सर्दी में घरों में गर्म पानी से नहाने के लिए बाथरूम में गैस गीजर लगवाया जाता है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि गैस गीजर को खुली जगह पर लगवाना चाहिए। गैस गीजर लगवाने के लिए वेंटिलेटर बहुत जरूरी है। गीजर का प्रयोग करते समय एक्जॉस्ट फैन जरूर चलाएं। गैस गीजर के सिलेंडर को बाथरूम में ना रखें। गैस गीजर का प्रयोग करते समय बाथरूम की खिड़की जरूर खोलें। बच्चे को बाथरूम में नहाने के लिए अकेला ना छोड़े। बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़कर गर्म पानी निकालें।
बिजली वाले गीजर लगवाने से पहले बाथरूम में खिड़की लगवाए। बंद बाथरूम में बिजली वाला गीजर ब्लास्ट हो सकता है। ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक गीजर लगवाना चाहिए। वह खतरा भांपते ही खुद बंद हो जाता है। इसी तरह से घर में अंगीठी जलाने से पहले कई सावधानी बरतनी चाहिए। बंद कमरे में किसी भी प्रकार से अंगीठी ना जलाए। घर में वेंटिलेशन हो सभी अलाव, हीटर या ब्लोअर चलाएं। कोयले की अंगीठी जलाकर उसके पास ना सोएं। अंगीठी के साथ में पानी से भरी बाल्टी रखें। बच्चे वाले घर में अंगीठी ना जलाएं। अंगीठी पर खाना बनाने के बाद उसे बुझाकर रख दें। आग जलाकर जमीन पर ना सोएं।
वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय नारायण त्यागी का कहना है कि बंद कमरों में अलाव, अंगीठी और हीटर जलाना जानलेवा साबित होता है। अंगीठी में कोयला या लकड़ी के जलने से कार्बन मोनो आक्साइड समेत कई गैस निकलती है। इससे बंद कमरे में ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है और लोगों के लिए यह जानलेवा बन जाता है। कार्बन मोनो आक्साइड का स्तर तेजी से बढ़ने का असर सीधा मस्तिष्क पर पड़ता है। सांसों के जरिए फेफड़ों तक पहुंचने पर व्यक्ति बेहोश हो जाता है।
डॉ. नगेंद्र देव का कहना है कि गैस के संपर्क में आकर बेहोश हुए व्यक्ति को तत्काल खुले स्थान पर लिटाया जाए। इसके बाद ऑक्सीजन मास्क लगाकर उसका उपचार किया जाए और मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जाए। किसी भी दशा में बंद कमरे में हीटर, अंगीठी या ब्लॉअर चलाने से बचें।
कुलदीप
