Sunday, April 19, 2026
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 जातियों की विसंगतियों को दूर करने के बाद ही हो जातिगत जनगणना: डॉ संजय निषाद

रायबरेली (हि.स.)। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ संजय कुमार निषाद ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ा बयान दिया है। रायबरेली में उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना के पहले जातियों की विसंगतियों को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से जातिगत जनगणना के पक्षधर रहे हैं लेकिन इसके पहले विभिन्न जातियों को वर्गीकृत करना चाहिए जिससे उनकी गणना किस वर्ग में हो यह तय हो सके।

डॉ निषाद ने कहा कि बिहार सरकार को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि बिहार के निषाद/मछुआ समाज को अनुसूचित में गिनने का कार्य करेंगे या फिर पिछड़े वर्ग में क्योंकि जातिगत जनगणना तभी सफल होगी तब संबंधित सभी जातियों को सेन्सस मेनुअल 1961 के आधार पर गिना जाए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत हम मछुआ समाज को स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रहे है। रोजगार भी दे रहे, व्यापार भी दे रहे हैं और व्यापार करने के लिए पूंजी भी दे रहे हैं। मत्स्य विभाग 03 से 10 पैसे में मत्स्य बीज देगा और 03 महीने के बाद मत्स्य विभाग ही 03 रुपये में मत्स्य बीज को खरीद लेगा, जिससे सम्बंधित पालन परिवार का कल्याण होगा और आर्थिक रूप से सम्पन्न भी होगा।

रजनीश

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