Thursday, September 24, 2026
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जब भी समय विपरीत होता है, कोई संत समय की धारा को मोड़ने के लिए अवतरित होता है : मोदी

विहंगम योग संत समाज के 98वें वार्षिकोत्सव में बोले प्रधानमंत्री

वाराणसी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय संतों की जमकर सराहना के बाद कहा कि हमारा देश इतना अद्भुत है कि, यहाँ जब भी समय विपरीत होता है, कोई न कोई संत-विभूति, समय की धारा को मोड़ने के लिए अवतरित हो जाती है। ये भारत ही है जिसकी आज़ादी के सबसे बड़े नायक को दुनिया महात्मा बुलाती है। जहां आजादी की लड़ाई के साथ धार्मिक चेतना भी साथ चलती रही। संत सदाफलदेव जी ने भी आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेल में ही उन्होंने स्वर्वेद पर चिंतन किया और बाहर आकर उसे मूर्त रूप दिया। हमारे स्वाधीनता संग्राम का इतिहास वैसे नहीं दर्ज किया गया, जैसा किया जाना चाहिए था।

दो दिवसीय काशी दौरे के अन्तिम दिन प्रधानमंत्री चौबेपुर उमरहा स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व संत सदाफल देव महाराज की जेल यात्रा के शताब्दी महोत्सव एवं विहंगम योग संत समाज के 98वें वार्षिकोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने काशी की महिमा को बताते हुए कहा कि काशी की ऊर्जा नित नया विस्तार भी लेती है। कल काशी ने भव्य विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया और इस महर्षि सदाफल देव विहंगम का आयोजन किया है। संतोंं की साधना पुण्य फल की प्राप्ति दिलाता है। स्वतंत्रता संग्राम महर्षि सदाफल ने समाज को बहुत कुछ दिया।

इसके पहले धाम के संत प्रवर विज्ञान देव महाराज,सदगुरु स्वतंत्रदेव महाराज ने प्रधानमंत्री की अगवानी की और प्रधानमंत्री का मंच पर स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने शहनाई की मंगलधुन के बीच महर्षि सदगुरू सदाफलदेव महाराज की मूर्ति पर श्रद्धाभाव से पुष्प अर्पित किया और धाम के सप्त तलीय महामंदिर कॉरिडोर का अवलोकन भी किया। इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की खास उपस्थिति रही।

श्रीधर

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