Tuesday, April 21, 2026
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गोवर्धन : भारतीय परिधान धारण कर लगाई विदेशी कृष्ण भक्तों ने सप्तकोसीय परिक्रमा

कोरोना संक्रमण के चलते एक दिन पश्चात अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति ने मनाया गोवर्धन पूजा पर्व, निकाली शोभायात्रा 

मथुरा(हि.स.)। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार अंतर्राष्ट्रीय गौडीय वेदांत समिति ने सोमवार को पारंपरिक गोवर्धन पूजा पर्व मनाया। विदित रहे कि रविवार को गोवर्धन महोत्सव भारी भीड़ के चलते समिति ने यह कार्यक्रम एक दिन पश्चात मनाने का निर्णय लिया था। सोमवार को गिरधारी गौड़ीय मठ से सोमवार सुबह रंग बिरंगे भारतीय परिधानों को धारण कर सिर पर छप्पन भोग प्रसादी लेकर सूक्ष्म देशी-विदेशी कृष्ण भक्तों ने शोभायात्रा निकालते 21 किलोमीटर की परिक्रमा लगाई। 
गौड़ीय वेदांत समिति से जुड़े भक्तों ने सोमवार को गोवर्धन पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया। भक्तों ने गिर्राज जी को अन्नकूट का भोग लगाया। गिरिराज पूजा के प्राकट्य स्थल गोवर्धन धाम में पूजा के लिए सोमवार को देशी विदेशी भक्तो का जन सैलाब उमड़ पड़ा। गोवर्धन पूजा महोत्सव में लाखों भक्तों ने साक्षात गोवर्धन पर्वत की 21 किमी की परिक्रमा लगाई तो सोमवार को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के दूसरे कई देशों से आये भक्त गिरिराज जी की पूजा में शामिल हुए। 
द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों के संग मिलकर इन्द्र का मानमर्दन करने के लिए गिरिराज जी को साक्षात देव मानकर पूजा की थी, आज उसी साढ़े पांच हजार वर्ष पुरानी परंपरा को साक्षात किया। देशी विदेशी भक्त सब कुछ भूलकर भारतीय संस्कृति के परिधान में नजर आये। महिला भक्तो के सिर पर दूध, दही, माखन की मटकी रखी तो डलियों में तरह-तरह के बनाये व्यंजन सजाये गये। भक्तों ने गिरिराज पूजा महोत्सव में खूब नृत्य किया। 
विदित रहे कि गौड़ीय वेदांत समिति के संस्थापक नारायण महाराज की परंपरानुसार प्रत्येक वर्ष गिरिराज जी की पूजा होती है तथा गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक पंचामृत अभिषेक उपरांत छप्पन भोग अन्नकूट प्रसादी अर्पित की गयी। गिरिराज पूजा शोभायात्रा हरिनाम संकीर्तन के बीच निकाली गई।
राधाकुण्ड परिक्रमा मार्ग स्थित राजा वाले मंदिर स्थित गिरिराज जी की शिला पर दूध, दही, शहद, बूरा, गंगाजल, दूध आदि ने देशी-विदेशी भक्तों ने अभिषेक किया। पारंपरिक पूजा अर्चना दसविसा के रहने वाले पुरोहित नीरज शर्मा ने कराई। शोभायात्रा गिरधारी गौड़ीय मठ से शुरू होकर बस स्टैंड, सौंख अड्डा, दानघाटी मंदिर, मुरारी कुंज, बड़ा बाजार मोदी खाना, हाथी दरवाजा, मानसी गंगा होकर निकाली गई। गिरिराज तलहटी के राजा वाले मंदिर पर भक्ति वेदांत माधव महाराज के सानिध्य मे गिरिराज महाराज की पूजा अर्चना की गयी। आस्था और विश्वास में भक्ति इस प्रकार प्रस्फुल्लित हुई कि गिरिराज महाराज के जयकारों की गूंज रही। कौरोना संक्रमण के चलते पारंपरिक गोवर्धन पूजा में इस बार विदेशी कृष्ण भक्त बहुत कम दिखे।

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