Wednesday, April 29, 2026
Homeउत्तर प्रदेशगोरखपुर में एक ही दिन दो विश्वविद्यालयों की सौगात, अब विश्वविद्यालयों की...

गोरखपुर में एक ही दिन दो विश्वविद्यालयों की सौगात, अब विश्वविद्यालयों की संख्या चार

– आयुष विश्वविद्यालय की नींव रखेंगे राष्ट्रपति, गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय का लोकार्पण भी

– राष्ट्रपति की मंशानुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बना रहे गोरखपुर को ”ज्ञान की नगरी”

गोरखपुर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंशा के मुताबिक गोरखपुर को ”ज्ञान की नगरी” (नॉलेज सिटी) बनाना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि किसी जिले में पहली बार एक दिन में दो-दो विश्वविद्यालयों की सौगात मिल रही है। यह सौगात भी ”नॉलेज सिटी” बनानेबक आह्वान करने वाले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों ही मिलने जा रहा है। इस क्षण को गोरखपुर के साथ पूर्वांचल के हर सख्श अपने आंखों में कैद कर लेने को आतुर है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा एक दिन में दो-दो विश्वविद्यालयों की सौगात मिलने का क्षण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से आया है। 28 अगस्त यानी कल आने वाला यह क्षण पूर्वांचल के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों भटहट ब्लॉक के पिपरी-तरकुलहा में राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने का साथ यह स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो जाएगा। इसके कुछ ही घंटों बाद गोरक्षपीठ के अधीन संचालित गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय सोनबरसा मानीराम के लोकार्पण का क्षण भी आह्लादित करने वाला होगा। सेवा और स्वावलंबन आधारित उच्च व दक्षतापूर्ण शिक्षण के ये दोनों संस्थान शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूर्वांचल की पहचान को नया आयाम देने वाले साबित होंंगे।

चार विवि ”नॉलेज ऑफ सिटी” का सपना करेंगे साकार

दो नए विश्वविद्यालयों की सौगात मिलने से गोरखपुर की शैक्षिक उपलब्धियों में कुल चार विश्वविद्यालय हो जाएंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की पहले से विशेष ख्याति रही है। अब महायोगी गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर अब दो नए विश्वविद्यालयों अस्तित्व में आने से गोरखपुर को ”सिटी ऑफ नॉलेज” बनाने के सपने को साकार करने में आने वाली कठिनाईयां दूर हो जाएंगी। अब न सिर्फ यहां परंपरागत शिक्षा मिलेगी बल्कि तकनीकी और चिकित्सा की शिक्षा के लिए भी दूर-दराज से शिक्षार्थी यहां आएंगे। ज्ञान लेंगे और समाजहित में उसका उपयोग कर सकेंगे।

RELATED ARTICLES

Most Popular