हरदोई (हि.स.)। गायत्री प्रज्ञा पीठ की पिहानी पर चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत पर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की उपासना की गई। गायत्री प्रज्ञा पीठ पर नवरात्रि के नौ दिनों देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। सायंकालीन होने वाले महिला संकीर्तन में देवी गीत के साथ मां का गुणगान किया जाता है।
नवरात्र के प्रथम दिन गायत्री प्रज्ञा पीठ के ट्रस्टी मृदुल कपूर ने यज्ञ का संचालन किया। यज्ञ में महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ी। यज्ञ के दौरान ट्रस्टी मृदुल कपूर ने भक्तों से कहा कि नवरात्रि के नौ दिन, नौ स्वरुपों में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायिनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
मार्कण्डेय पुराण के मुताबिक मां शैलपुत्री की विधिवत पूजा-अर्चना करने से अच्छी सेहत और मान-सम्मान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अलावा कुंवारी कन्याओं की शादी में आ रही बाधाएं भी खत्म हो जाती हैं। माता शैलपुत्री को सफेद पुष्प बेहद प्रिय है, इसलिए इनकी पूजा में सफेद फूल का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके अलावा इनकी पूजा में सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए। सफेद बर्फी या दूध से बनी शुद्ध मिठाइयों का भी भोग लगा सकते हैं। इसके अलावा माता को सफेद वस्त्र अर्पित करना लाभकारी है। यज्ञ की व्यवस्थाएं देवेंद्र मिश्रा ने देखी।
गायत्री प्रज्ञा पीठ पिहानी के परिसर में नवरात्र पर विशेष कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। यह जानकारी देते हुए प्रज्ञा पीठ के प्रमुख ट्रस्टी अतुल कपूर ने बताया कि नित्य सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक सामूहिक गायत्री यज्ञ होगा। शाम को रोज 4 बजे से 6 बजे तक नारी सशक्तिकरण विषय विचार गोष्ठी तथा भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा। दर्शनार्थियों के लिए मंदिर परिसर सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक खुला रहेगा। शाम को चार से छह बजे तक नित्य नारी सशक्तिकरण पर विविध आयोजन होंगे। भक्ति संगीत की सरस रसधार बहाई जाएगी।
अम्बरीष/दीपक
