18 पार्षदों ने महापौर को पत्र लिखकर की बैठक बुलाने की मांग
गाजियाबाद (हि.स.)। नगर निगम प्रशासन द्वारा संपत्ति कर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस मामले में जहां विपक्षी दलों के पार्षद विरोध कर रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी के पार्षद भी दो फाड़ हो चुके हैं।
नगर निगम सदन में भाजपा के सचेतक हिमांशु मित्तल समेत कुल 18 पार्षदों ने शनिवार को एक पत्र भेजकर महापौर को नगर निगम अधिनियम की धारा 88 के तहत तत्काल नगर निगम सदन की बैठक बुलाने की मांग की है। खास बात यह है कि इस पत्र को लिखने वाले भाजपा, सपा, कांग्रेस व अन्य दलों के पार्षद शामिल हैं।
इन पार्षदों ने पत्र में कहा है कि जिस तरह से नगर निगम प्रशासन ने संपत्ति कर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है वह नियमों के विरुद्ध है। पत्र में कहा गया है कि इस तरह का कोई प्रस्ताव बोर्ड में पास नहीं किया गया है बल्कि यह प्रस्ताव निचले सदन में तत्कालीन नगर आयुक्त अब्दुल समद के कार्यकाल के दौरान पारित हुआ था। निचले सदन में पास किया हुआ कोई भी प्रस्ताव जब तक विधि सम्मत नहीं है तब तक वह बोर्ड बैठक में पारित न हो जाए।
पार्षदों ने महापौर आशा शर्मा को लिखित में पत्र सौंप कर 15 दिन के अंदर बैठक बुलाने के लिए अनुरोध किया है। उनका कहना है कि सदन की कुल संख्या का 1/6 सदस्य संख्या यदि बैठक बुलाने की मांग करती है तो महापौर को हर हालत में मांग पत्र देने की तिथि से 15 दिन के अंदर बैठक बुलाने अनिवार्य है।
गाजियाबाद : सम्पत्ति कर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर फिर बढ़ी रार
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