कुशीनगर (हि.स.)। माघी पूर्णिमा के अवसर पर कुशीनगर का थाई बौद्ध विहार ”थाई फेस्टिवल” का आयोजन करेगा। फेस्टिवल में शामिल होने के लिए थाई राजपरिवार के सदस्य व थाई कलाकार विशेष विमान से आयेंगे।
कोविड-19 के कारण कुशीनगर में होने वाला यह अन्तरराष्ट्रीय आयोजन दो वर्षों से स्थगित था। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विशेष अनुष्ठान, शोभा यात्रा, सांस्कृतिक व रचनात्मक कार्यक्रम आदि किए जाते हैं। यात्रा में विशेष पात्र में सुशोभित गौतम बुद्ध के अस्थि अवशेष को रथ पर रख महापरिनिर्वाण मन्दिर ले जाई जाती है। दूसरे दिन मुकुतबन्धन चैत्य (बुद्ध के शवदाह स्थल) ले जाया जाता है। यह विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। अनुष्ठान में बौद्ध भिक्षु इंडो थाई की खुशहाली, विकास और विश्व शांति की कामना करते हैं।
आयोजन में थाईलैंड सहित श्रीलंका, म्यांमार , जापान, भूटान समेत कई देशों के बौद्ध भिक्षु व पर्यटक व राजनयिक शामिल होंगे। 2022 में माघी पूर्णिमा 21 फरवरी को पड़ रही है। इस सम्बंध में थाई वाट के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अम्बिकेश त्रिपाठी ने बताया कि तैयारियां चल रही हैं। अचान पी खोमसोंग की अध्यक्षता में बैठक भी हुई है। विशेष विमान की लैंडिंग के लिए थाई एयरवेज भारत सरकार के साथ औपचारिकता पूरी की जा रही है। कोविड-19 प्रोटोकाल का ध्यान रखा जा है।
माघ पूर्णिमा का महत्व:
इस दिन भगवान बुद्ध ने अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोज्ञाल्यायन को धम्म सेनापति घोषित किया था। इसी दिन भिक्षु संघ को विनय पाठ सिखाया था। इसी दिन भगवान बुद्ध ने आयु के 80वें वर्ष में यह घोषित किया था कि वह तीन माह बाद महा परिनिर्वाण प्राप्त करेंगे।
