Sunday, April 26, 2026
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कुक्कुट विकास नीति से विनय-सौरभ ने लिखी सफलता की गाथा

मेरठ (हि.स.)। केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर लोग सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। जानी ब्लाॅक के टिमकिया गांव के विनय कुराली और सौरभ कंसल ने कुक्कुट विकास नीति का लाभ उठाकर सफलता अर्जित की।
जानी ब्लाॅक के ग्राम टिमकिया निवासी विनय कुराली एवं सौरभ कंसल ने बताया कि उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति के आने से पूर्व हम शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के सम्पर्क में आने के उपरान्त उनके द्वारा हमें कुक्कुट विकास नीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद हमने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेरठ के माध्यम से एवं उनके निर्देशन में कुक्कुट विकास नीति के अन्तर्गत काॅमर्शियल लेयर (30000 पक्षी) की प्रथम दो इकाईयां लगाई। जिसमें लाभ होने पर 30000 पक्षियों की अन्य दो इकाई लगाई गई। इसके बाद 30000 पक्षियों की दो इकाईयों की स्थापना माह सितम्बर 2018 एवं फिर से दो इकाईयों की स्थापना माह मार्च 2019 में की गई। इस तरह से कुल आठ इकाईयों की स्थापना की गयी जिनका संचालन अपनी फर्म शांति एसोसिएट्स के जरिए किया जा रहा है। 
विनय कुराली ने बताया कि उन्होंने कुक्कुट विकास नीति के अन्तर्गत उन्होंने वर्ष 2017 में 172.80 लाख रुपए, वर्ष 2018 में 244.80 लाख रुपए, वर्ष 2019 में 432.00 लाख रुपए, वर्ष 2020 में 334.80 लाख रुपए का अण्डा उत्पादन किया। 
उन्होंने बताया कि उनकी रोजगार सृजन की संख्या वर्ष 2016 में 20, वर्ष 2017 में 30, वर्ष 2018 में 45, वर्ष 2019 में 55 व वर्ष 2020 में 70 है। प्रति अण्डा उत्पादन पर कुल बचत 0.45 पैस प्रति अण्डा (लगभग) है। उनकी इकाईयों में 240000 पक्षियों से प्रतिदिन लगभग 1.95 लाख से 2.00 लाख तक अण्डे का उत्पादन किया जा रहा है, जिनसे शुद्ध आमदनी लगभग 0.45 पैसे प्रति अण्डा (लगभग) प्राप्त हो रही है। उन्होंने कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को धन्यवाद दिया। 

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