– जनपद में छह केन्द्रों से कोरोना वैक्सीन टीकाकरण का चलाया जाएगा अभियान
कानपुर (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार ने दो प्रकार की वैक्सीन के टीकाकरण की अनुमति दे दी है। दोनों वैक्सीन कानपुर नगर में भी आ चुकी हैं और मंगलवार का इसका ड्राई रन ट्रायल भी शुरु हो गया और कानपुर में निशा नाम की महिला पर पहला ट्रायल किया गया। इसके बाद जनपद के छह केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगायी गयी।
कोरोना की रोकथाम के लिए सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। कोरोना जैसी माहामारी से निपटने के लिए देश में ड्राई रन की शुरुवात कर दी गयी है। इसमें सरकार की तरफ से वैक्सीन यानी कोरोना टीकाकरण कराया जाना सुनिश्चित किया गया है, जिसके चलते कोरोना माहामारी का दंश झेल चुके कानपुर को भी इस ड्राई रन के पहले चरण में लिया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल कुमार मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि ड्राई रन को लेकर स्वास्थ विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। शहर व ग्रामीण इलाकों को मिलाकर कुल छह स्थानों पर टीकाकरण कैम्प लगाया गया है, जिसमें ग्रामीण इलाकों में सीएचसी घाटमपुर, बिधनू और सरसौल केंद्र बनाए गए हैं और इसी तरह शहरी क्षेत्र में ग्वालटोली और बैरी कल्यानपुर में कैम्प लगाया गया है। इन केन्द्रों पर तीन सौ लोगों को कोरोना बचाव के चलते वैक्सीन का डोज दिया जाएगा। पहला कोरोना वैक्सीन का टीका ग्वालटोली केन्द्र में निशा नाम की महिला को दिया गया है।
बताया कि टीकाकरण के बाद बुखार सिरदर्द या फिर टीकाकरण के स्थान पर लालीपन के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए जिनको वैक्सीन का डोज दिया जाएगा उनको आधा घंटा रोकने की व्यवस्था भी की गई है। वहीं कैम्प में इस बात से लोगों को अवगत कराया गया कि डोज लेने के बाद कोविड नियमों का पालन ठीक उसी तरह से करें, जैसे माहामारी से ग्रसित होकर होम आइसोलेट होने के नियम थे। जिसमें सेनिटाइजर से हाथ धोना, सफाई रखना, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना बेहद जरुरी होगा। ऐसा 15 दिनों तक लगातार करना होगा। नियमों का करेंगी पालन
जनपद में कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगवानी वाली निशा ने बताया कि आईडी जमा करने के बाद टीका लगाया गया है। अभी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है। डाक्टरों ने जो सावधानी बरतने के लिए कहा है उस पर अमल करेंगे। ग्वालटोली सामुदायिक केंद की इंचार्ज डॉ हनी मल्होत्रा ने बताया कि जिन पर भी वैक्सीन का ट्रायल किया गया है वो अभी निगरानी में है। वैक्सीन लगने के बाद अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो उसके लिए मेडिकल टीम पूरी तरह से तैयार है।
