Wednesday, April 22, 2026
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 कड़ाके की ठंड व गलन ने लोगों को किया बेहाल

वाराणसी (हि.स.)। नववर्ष में शुक्रवार को भी सूर्य देव ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोपहर में सूर्य के उदय होते ही घरों की छतों, सार्वजनिक पार्कों, गंगाघाटों के साथ आफिस और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में लोग धूप लेते देखे गये। शीतलहर और गलन के चलते सूर्य की किरणें भी लोगों को राहत दिला पाने मे कारगर साबित नहीं हुई। अपरान्ह दो बजे तक अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 07 डिग्री, आर्द्रता 59 फीसद और हवा की रफ्तार 10 किमी प्रतिघंटा रही।

गुरुवार को भी दोपहर में सूर्य देव ने कुछ देर के लिए दर्शन दिया, लेकिन बर्फीली हवाओं के चलते सूर्य की किरणें नतमस्तक रहीं। गुरुवार को वाराणसी में अधिकतम तापमान ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बीते 10 सालों में कभी भी वाराणसी में अधिकतम पारा 14 डिग्री से नीचे नहीं आया था। गुरुवार को वाराणसी का तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 08 डिग्री नीचे था। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाके में ठंडक काफी बढ़ा दी है। पछुआ हवा के रूप में वाराणसी में बर्फीली हवा आ रही है। कंपकपा देने वाली ठंड पड़ रही है।

नववर्ष में लगातार चार दिन तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। कोहरा और घुंध पूरे दिन रहने से ठिठुरन बनी हुई है। अल सुबह से शहर, कस्बा एवं गांव कोहरे की चादर से ढके रह रहे हैं। बर्फीली हवाओं से इंसान ही नहीं, पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। ठंड बढ़ने एवं कोहरे के चलते ट्रेन एवं बस सेवा प्रभावित हुई। समय से गाड़ियों के परिचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। तापमान में गिरावट के चलते जिला एवं मंडलीय अस्पताल में बीपी एवं हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टर बुजुर्गों को कोहरे में सुबह नहीं टहलने, शरीर को गर्म कपड़ों से ढंकने, सिर एवं कान को कवर करने तथा गर्म पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।

श्रीधर

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