वाराणसी (हि.स.)। उत्सवों के रसिया शहर बनारस में कजरी रतजगा पर्व मनाने की तैयारी चल रही है। पर्व की पूर्व संध्या शनिवार शाम को ही बाजारों में जलेबा की बिक्री हो रही है। जगह-जगह जलेबों की अस्थाई दुकानें सज गई है। दुकानों पर बड़े-बड़े जलेबे सजावट के लिए रखे गये है।
कजरी रतजगा पर्व भादो मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। कृष्ण पक्ष की तृतीया आज रात 12 बजकर 53 मिनट से लग रही है। आचार्य मनोज उपाध्याय ने बताया कि सनातन परम्परा में पर्व उदयातिथि में मनाने की परम्परा है। ऐसे में कजरी रतजगा रविवार को मनाया जायेगा। पर्व इस बार अभिजीत और विजय मुहूर्त एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में है। ऐसे में कजरी तीज का व्रत अत्यंत शुभ फलदायी होगा। कजरी तीज के दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
पर्व पर महिलाएं व्रत रहती है और परिवार के अन्य सदस्य जलेबा का आनंद लेते है। परम्परानुसार महिलाएं कजरी गाकर रतजगा करती है। शहर के पांडेयपुर, आशापुर, सारनाथ, कोनिया, राजघाट, विश्वेश्वरगंज आदि इलाको के मंदिरों के बाहर महिलाओं की मंडली रतजगा करती है। केदारघाट स्थित गौरी केदारेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर भी महिलाएं रात में कजरी महादेव को सुनाती है।
कजरी तीज पर सुहागिन महिलाएं भगवान शिव माता पार्वती और नीमड़ी माता की पूजा आराधना करती हैं। अपने पति और परिवार की सुख समृद्धि की मनोकामना के लिए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। यह व्रत बिल्कुल हरतालिका तीज की तरह ही है।
श्रीधर
