लखनऊ (हि.स.)। राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के नेत्र रोग विभाग में एमएस आप्थलमोलाॅजी कोर्स की पढ़ाई को मान्यता मिल गयी है। नेशनल मेडिकल कांउसिल (एनएमसी) ने एसजीपीजीआई में एमएस में दो सीटों की मंजूरी प्रदान की है। अब प्रदेश में नेत्र रोग विशेषज्ञ अन्य मेडिकल कालेजों की तरह एसजीपीजीआई में भी तैयार किये जा सकेंगे।
एसजीपीजीआई में नेत्र रोगों के विशिष्ट इलाज एवं सर्जरी हेतु ऑप्थलमोलाॅजी (नेत्र रोग) विभाग की स्थापना एक स्वतन्त्र विभाग के रूप में सन 2013 में हुई थी। नेत्र रोग विभाग की स्थापना के बाद से यहां पर ग्लोकोमा, रेटिना, आक्यूलोप्लाॅस्टी का उपचार आधुनिकतम तकनीकों द्वारा किया जा रहा है।
एसजीपीजीआई के निदेशक डा. आर.के. धीमान के मुताबिक संस्थान में आई बैंक भी खोला जायेगा। इसके अलावा काली पुतली कार्निया सबंधित विभिन्न रोगों का इलाज किया जायेगा। इसके अलावा काला मोतिया के आधुनिकतम तकनीकों जिसमें लेजर व माइकोइंसिजन ग्लोकोमा सर्जरी का विस्तार करना व आक्युलर आंकोलाजी, जिसमें मरीजों को नेत्र रोग के ट्यूमर व कैंसर की उपचार की सुविधा का विस्तार करना भी शामिल है।
भविष्य में भेंगापन व आंख के नसजनित रोगों के और बेहतर उपचार की तकनीकों का समावेश करते हुए विभाग को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने वाले केन्द्र के रूप में स्थापित करने की योजना है।
बृजनन्दन
