Wednesday, September 23, 2026
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उप्र में गांधी जयन्ती मनाये जाने को लेकर शासन ने जारी किया विस्तृत दिशा-निर्देश

-प्रदेश के सभी राजकीय भवनों पर फहराया जाएगा राष्ट्रीय ध्वज

-आजादी के अमृत महोत्सव में सम्मानपूर्वक आयोजित हो गांधी जयंती : मुख्य सचिव

लखनऊ(हि.स.)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस 02 अक्टूबर को ‘‘गांधी जयन्ती समारोह’’ मनाये जाने के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं। इस अवसर पर प्रदेश के सभी राजकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

गांधी जयन्ती समारोह को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने शनिवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया। अपने निर्देशों में मुख्य सचिव ने कहा है कि भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन को नई दिशा और नई गति देने में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी का अतुलनीय योगदान रहा है। सत्याग्रह तथा सविनय अवज्ञा आन्दोलन के माध्यम से उन्होंने सभी वर्गों में आजादी की लौ को प्रज्ज्वलित किया। देश की राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक समरसता के माध्यम से महात्मा गांधी ने राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोकर सशक्त राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दिवस 02 अक्टूबर हमारे देश के उन समस्त स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रान्तिकारियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का बेहतर अवसर है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की बलिवेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यह दिन हम सबको राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के आदर्शों, सिद्धान्तों व उनके सद्विचारों को अपनाने के साथ ही उनके पदचिन्हों पर चलने का सुअवसर प्रदान करता है।

मुख्य सचिव ने अपने निर्देश में कहा है कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे देश में गरिमामय ढंग से मनाये जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला में 02 अक्टूबर को 153वें गांधी जयन्ती समारोह का सम्मानपूर्वक आयोजन किया जाये। इस अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों को रूपरेखा के अनुसार एवं स्थानीय आवयश्कताओं को ध्यान में रखते हुए व्यवहारिक स्तर पर इसमें यथोचित परिवर्तन व संशोधन किया जा सकता है और ऐसे अन्य कार्यक्रम भी सम्मिलित किए जा सकते हैं, जो इस अवसर पर उपयुक्त हों।

उन्होंने कहा कि सभी राजकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाये। सभी कार्यालयों, विद्यालयों और दूसरी संस्थाओं के किसी बड़े कक्ष या हाल में किसी वरिष्ठ अधिकारी, प्रधानाचार्य या अध्यक्ष द्वारा प्रातः 9ः00 बजे महात्मा गांधी जी के एक बड़े चित्र का अनावरण व माल्यार्पण किया जाये और उसके बाद गांधी जी के जीवन-संघर्ष, उनकी देश-सेवा, उनके जीवन-मूल्यों पर प्रकाया डाला जाये। विशेष रूप से निर्बल एवं कमजोरों के कल्याण सम्बन्धी ‘‘अन्त्योदय’’ की उनकी अवधारणा, भावनात्मक एकता, राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता के सम्बन्ध में उनके विचारों का संक्षेप में परिचय दिया जाये।

श्री मिश्र ने कहा कि स्कूलों और कालेजों में गांधीवादी जीवन-दृष्टि का प्रचार तथा गांधी जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों की वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं गोष्ठी आयोजित की जाये, जिसमें जातिगत भेद-भाव से ऊपर उठकर समाज में समता और समरसता लाने पर बल दिया जाये। मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा निर्बलों के उत्पीड़न को समाप्त करने और सामाजिक न्याय की अवधारणा एवं उसकी आवश्यकता की पूर्ति हेतु शासन की प्रतिबद्धता से जन-साधारण को अवगत कराया जाये। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सिद्धांत, स्वदेशी, खादी, स्वावलंबन, सादगी एवं स्वच्छता के बारे में जागरुकता अभियान चलाया जाये। खादी विक्रय केन्द्रों के माध्यम से प्रचार प्रसार कर खादी के वस्त्रों के प्रयोग हेतु जनमानस को प्रेरित किया जाये।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से महिलाओं की उन्नति के लिए राष्ट्रपिता गांधी जी द्वारा बताये गये मार्ग का अनुसरण करने, बालिका-शिक्षा को बढ़ावा देने, दहेज-प्रथा की समाप्ति तथा महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देने और सामाजिक चेतना पैदा करने के लिए जन-सामान्य, विशेषकर महिलाओं को जागरुक कराने हेतु प्रभावी अभियान चलाया जाये। प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, महिला हेल्प लाइन, निराश्रित महिला पेंशन, मिशन शक्ति, महिला समूहों, बी0सी0 सखी, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आदि योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभान्वित कर आत्मनिर्भर बनाये जाने हेतु प्रचार-प्रसार किया जाये।

मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की ग्राम स्वराज्य की अवधारणा के अनुसार गांवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने के साथ ही ग्रामवासियों में सच्चरित्रता, सादगी तथा स्वावलम्बन की भावना उत्पन्न की जाये। इस दिशा में शासन की पारदर्शी नीति और इस सम्बन्ध में किये गये अभिनव एवं सार्थक प्रयासों से भी जन साधारण को अवगत कराया जाये।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में चलाये गये स्वाधीनता आन्दोलन, उत्तर प्रदेश में उसके व्यापक प्रभाव, उनके महान व्यक्तित्व द्वारा किये गये रचनात्मक कार्यक्रमों, स्वदेशी आन्दोलन, नमक सत्याग्रह, व्यक्तिगत सत्याग्रह आदि पर प्रकाश डाला जाये। ‘सादा जीवन उच्च विचार’, मितव्ययिता, नैतिकता, भाईचारा तथा सर्वधर्म सम्भाव जैसे आदर्श जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी जाये। यह भी बताया जाये कि देश को कमजोर करने वाली शक्तियों से सावधान रहते हुए राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा करना उनका पुनीत कर्तव्य है, जिसका संकल्प आज के दिन दोहराया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव का निर्देश है कि पंचायतों, सार्वजनिक संस्थाओं तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचारों में आस्था रखने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता से रचनात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा देन के साथ ही समरसता, सद्भाव और सहयोग पर आधारित आदर्श समाज की आवश्यकता को रेखांकित किया जाये। धर्म, जाति, रंग आदि सभी भेदभावों को मिटाकर विभिन्न सम्प्रदायों के लोागें में पारस्परिक सद्भाव, एकता तथा सहयोग बढ़ाने वाली चेतना विकसित करने के लिए जन-सहभागिता के आधार पर उचित वातावरण तैयार करने का हर सम्भव प्रयास किया जाये। विकास सम्बन्धी शासन की प्राथमिकताओं से जन-मानस को अवगत कराते हुए उन्हें अपेक्षित योगदान के लिए प्रेरित किया जाये। अपराधमुक्त, अन्यायमुक्त एव भयमुक्त वातावरण सृजित करने के साथ ही कानून व्यवस्था पर जीरो टालरेेंस की नीति पर चलते हुए कानून का राज स्थापित करने तथा संवेदनशील एवं स्वच्छ प्रशासन देने के प्रयासों से आम जनता को अवगत कराया जाये।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार का लक्ष्य है कि ‘जन आकाक्षांओं की पूर्ति तथा राज्य का समग्र विकास’। राज्य सरकार ‘‘सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास’’ के आधार पर सभी वर्गाे की उन्नति, कल्याण एवं सर्वागींण विकास हेतु कृत-संकल्पित है। बापू की जयन्ती पर उनही विचारधारा से प्रेरणा लेकर प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए साफ नियत एवं सही विकास के साथ एक सशक्त, समर्थ एवं आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित है। यह भावना सभी आयोजनों में स्वतः परिलक्षित हो। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक निर्णयों एवे विकासपरक तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों द्वारा उठाये गये कदमों से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार आमजन के विकास, उनकी सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रश्न पर अत्यंत संवेदनशील है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयन्ती के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गाे के हितों तथा राज्य के समग्र विकास के लिए संचालित महात्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सम्बन्ध में जनमानस को अवगत कराया जाये।

पीएन द्विवेदी

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