Wednesday, September 23, 2026
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आसमान छू रहे हरी सब्जियों के दाम

-शुगर, माइग्रेन और रक्तचाप के मरीज परेशान

लखनऊ(हि.स.)। अप्रैल माह की शुरुआत में ही गर्मी चरम पर है। सब्जी मंडियों में सब्जियों के भाव बढ़ गये हैं। शुगर, हाई ब्लडप्रेशर, माइग्रेन जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों को हरी सब्जी खरीदना भारी पड़ रहा है क्योंकि हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।

लखनऊ में हरी सब्जियों को पसंद करने वाले लोगों की संख्या पर्याप्त है। लखनऊ शहर के भीतर छोटी-बड़ी मंडियों में हरी सब्जी के भाव दो से तीन गुना हो गये हैं। परवल अगर 120 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है तो तोरी या तोरई सौ रुपये प्रतिकिलो, कद्दू 30 से 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। भिंडी और करेला भी सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहे हैं।

बलरामपुर हाॅस्पिटल के डाॅक्टर सर्वेश सिंह ने कहा कि हरी सब्जी के भाव बढ़ने का माइग्रेन, शुगर मरीजों के स्वास्थ्य पर व्यापक असर पड़ेगा। ज्यादातर मरीज विशेषकर शुगर केआलू या मीठी सब्जी-फल नहीं खा सकते हैं । उन्हें तो हरी सब्जियां ही खानी पड़ती है।

कहा कि हरी सब्जी का स्थान कोई दूसरी खाद्य सामग्री नहीं ले सकती है। खाने को चना, राजमा, दाल को खाया जा सकता है। किंतु हरी सब्जी नहीं खाने पर स्फूर्ति में कमी आती है। बाजार में खीरा, ककरी आ गयी है, उसे भी लिया जा सकता है लेकिन हरी सब्जी खाने को मिले तो ज्यादा अच्छा है।

कैसरबाग सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेता अनिल सोनकर ने बताया कि रोजमर्रा की सब्जियों के भाव बढ़े हैं। लौकी, कद्दू, तरोई ज्यादा लोगों की पसंदीदा सब्जी है। इधर, इनके भाव लगातार बढ़े ही हैं, कम नहीं हो रहे है।

उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की सब्जियां आलू 16 से 20 रुपये प्रतिकिलो, टमाटर 30 रुपये प्रतिकिलो, नींबू 240 रुपये प्रतिकिलो या 10 रुपये प्रतिपीस, शिमला मिर्च 100 रुपये प्रतिकिलो, बैंगन 60 रुपये प्रतिकिलो, लहसुन 120 रुपये प्रतिकिलो और प्याज 25 रुपये प्रति किलो के दर से बिक रहा है।

बीते दिनों महंगी वस्तुओं के दाम पर राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं, लखनऊ के सामाजिक संगठनों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। वर्तमान समय में महंगी वस्तुओं की जमात में सब्जियां भी जुड़ गई हैं।

शरद

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