लखनऊ (हि.स.)। परिवहन विभाग ने आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में लग रही भीड़ को कम करने के लिए करीब 18 सेवाओं को आधार कार्ड से जोड़ने (लिंक) की तैयारी शुरू कर दी है। इस व्यवस्था के लागू होने पर स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) सहित गिनी-चुनी सेवाओं को छोड़कर कई सेवाएं बिना आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय जाए मिल सकेंगी। परिवहन विभाग के द्धारा दी जा रही करीब 18 सेवाओं के आधार से लिंक होते ही स्थाई डीएल बनवाने और वाहनों की फिटनेस सहित करीब 07 जरूरी कार्यों के लिए ही आवेदकों को आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय जाना होगा। बिना आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय गए डीएल संबंधी 06 कार्यों के अलावा कई अन्य कार्य भी पूरे हो सकेंगे। इसमें लर्निंग लाइसेंस, डीएल नवीनीकरण, डुप्लीकेट डीएल, अंतरारष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस परमिट, डीएल में पता परिवर्तन, नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन, वाहनों का अनापत्ति प्रमाण पत्र, वाहनों का ट्रांसफर (एनओसी) आदि कार्य बिना आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय जाए हो सकेंगे।
परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का नोटिफिकेशन आया है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर एनआईसी (नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर) से इस व्यवस्था को सुचारु करने में मदद ली जाएगी। अभी इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है।
दरअसल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी आवेदकों की पहचान को आधार से जोड़ने का फैसला लेते हुए जरूरी कर दिया है। फिलहाल अभी तक आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय में डीएल और वाहन से संबंधित 25 तरह के कार्य होते हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से कई कार्य बिना आरटीओ और एआरटीओ जाए हो सकेंगे।
