Tuesday, May 5, 2026
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 आकाश वेपन सिस्टम की जानकारी क्वालिटी एश्योरेंस एजेंसी को सौंपी गई

– रक्षा मंत्री और डीआरडीओ अध्यक्ष ने इसे ऐतिहासिक अवसर करार दिया

– डीआरडीएल ने आकाश आयुध प्रणाली को तैयार तथा विकसित किया

नई दिल्ली (हि.स.)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आकाश आयुध प्रणाली के सेना वर्जन का सीलबंद विवरण मिसाइल सिस्टम क्वालिटी एश्योरेंस एजेंसी (एमएसक्यूएए) से संबंधित प्राधिकरण को सौंप दिया है। यह प्रक्रिया हैदराबाद में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (डीआरडीएल) में पूरी की गई। डीआरडीएल ने ही नोडल एजेंसी के रूप में आकाश आयुध प्रणाली को तैयार तथा विकसित किया है। रक्षा मंत्री और डीआरडीओ अध्यक्ष ने इसे ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए कहा कि यह रक्षा सेवाओं की आवश्यकता को पूरा करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

 आकाश वेपन सिस्टम की जानकारी क्वालिटी एश्योरेंस एजेंसी को सौंपी गई

आकाश पहली अत्याधुनिक स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसे लगभग एक दशक से भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना इस्तेमाल कर रही हैं। इस मिसाइल सिस्टम को 30 हजार करोड़ रुपये के ऑर्डर मूल्य के साथ सेनाओं में शामिल किया गया है। यह स्वदेशी मिसाइल प्रणाली के लिए सबसे बड़े सिंगल सिस्टम ऑर्डर में से एक है। इस रक्षा प्रणाली के विकास में डीआरडीएल के अलावा डीआरडीओ की कई अन्य प्रयोगशालाएं शामिल हैं।

इनमें रिसर्च सेंटर इमारत, इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार विकास प्रतिष्ठान, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर), एकीकृत परीक्षण रेंज, आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला और वाहन अनुसंधान विकास प्रतिष्ठान प्रमुख हैं। आकाश मिसाइल प्रणाली को भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, बीईएमएल लिमिटेड के साथ-साथ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज और अन्य रक्षा उद्योग भागीदारों ने निर्मित किया है।

एएचएसपी हस्तांतरण के हिस्से के रूप में तकनीकी विनिर्देश एवं गुणवत्ता दस्तावेज एवं पूर्ण हथियार प्रणाली की ड्राइंग एमएसक्यूएए को सौंपी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एएचएसपी हस्तांतरण को एक ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए डीआरडीओ, भारतीय सेना व उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह रक्षा सेवाओं की आवश्यकता को पूरा करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने प्रोजेक्ट आकाश टीम को मिसाइल क्लस्टर से एमएसक्यूएए में मिसाइल तथा मल्टीपल ग्राउंड सिस्टम वाली ऐसी जटिल प्रणाली के लिए पहले एएचएसपी हस्तांतरण के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया भविष्य की मिसाइल प्रणालियों के लिए रोडमैप को तैयार करेगी, जो अभी उत्पादन के अधीन हैं।

सुनीत

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