Saturday, April 25, 2026
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अशफ़ाक उल्लाह खान प्राणी उद्यान की नीली आंखों वाली सफेद बाघिन बनेगी आकर्षण

– 22 जून को लखनऊ से लाई जाएगी बाघिन

– सीजेडए और यूपी पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ से मंजूरी के बाद साफ हुआ रास्ता

गोरखपुर (हि.स.)। गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान अब सफेद बाघिन से गुलजार होगा। केंद्रीय प्राणी उद्यान प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ केपी दुबे ने सफेद बाघिन को प्राणी उद्यान में रखने और लाने की अनुमति दे दी है। फिलहाल 22 जून तक नीली आंखों वाली इस सफेद बाघिन के गोरखपुर प्राणी उद्यान पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही सफेद बाघ वाले प्राणी उद्यानों की श्रेणी में य़ह तीसरा प्राणी उद्यान हो जाएगा।

कानपुर-लखनऊ प्राणी उद्यान में पहले से हैं सफेद बाघ

प्रदेश के कानपुर और लखनऊ प्राणी उद्यान में सफेद बाघ पहले से ही हैं। कानपुर प्राणी उद्यान में विशाखापत्तनम से मादा सफेद बाघिन सावित्री को 4 मार्च 2014 को ट्रांसपोर्ट कर लाया गया था। सावित्री के जीवन साथी की तलाश 4 फरवरी 2015 को उस वक़्त खत्म हुई थी, जब नर सफेद बाघ लव को 4 फरवरी 2015 को विनिमय कर लाया गया। चंडीगढ़ प्राणी उद्यान से बंगाल टाइगर अमन से विनिमय हुआ था। इधर, लखनऊ प्राणी उद्यान में 01 नर और 02 मादा सफेद बाघ हैं।

कहते हैं वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ

प्राणी उद्यान के वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ डॉ. योगेश प्रताप सिंह का कहना है कि लखनऊ प्राणी उद्यान में 01 नर सफेद बाघ और 02 सफेद बाघिन हैं। इनमें से एक मादा सफेद बाघिन गोरखपुर आयेगी। मादा सफेद बाघिन को अस्पताल परिसर के बाड़ा में क्वारंटीन किया जाएगा। फिर, उन्हें सामान्य बाघ अमर और मादा बाघिन मैलानी के बाड़ा में रखा जाएगा।

प्रजनन के बारे में विशेषज्ञ ने कहा

वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ हेरिटेज फाउंडेशन के ट्रस्टी अनिल कुमार तिवारी कहते हैं कि सफेद बाघ की नीली आंखें काफी मोहक और आकर्षक होती हैं, इसलिए पयर्टकों को सहज आकर्षित करती हैं। सफेद बाघ सामान्य बाघ से भी प्रजनन कर सकते हैं। यह एक ही प्रजाति के होते हैं। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह कहते हैं कि शेड्यूल वन में सूचीबद्ध दुर्लभ वन्यजीव की श्रेणी में संरक्षित सफेद बाघ का वजन सामान्य बाघ से कुछ अधिक होता है। इनकी देखभाल ठीक से की जाए तो इन्हें गोरखपुर के वातावरण में आसानी से रखा जा सकता है।

योगी के सौ दिन कार्ययोजना में भी हैं शामिल

गोरखपुर प्राणी उद्यान में सफेद बाघ ले आना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 100 दिन की प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची में भी था। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने भी कहा था कि गोरखपुर में सफेद बाघ लाया जाना 100 दिन की कार्य योजना में शामिल है। निर्धारित अवधि में सफेद बाघ लाए जाएंगे।

आमोद

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