Sunday, April 26, 2026
Homeउत्तर प्रदेशअजीत सिंह की हत्या से पूर्व विधायक सीपू सिंह के परिजन व...

अजीत सिंह की हत्या से पूर्व विधायक सीपू सिंह के परिजन व गवाह दहशत में, पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार

आजमगढ़ (हि.स.)। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार रात मुहम्मदाबाद के पूर्व ब्लाक प्रमुख की अजीत सिंह की हत्या के बाद आजमगढ़ जिले में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के गवाह भयभीत हो गये है। मृतक पूर्व विधायक के परिजन और गवाह पुलिस अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। 

बतातें चलें कि जुलाई 2013 में सगड़ी के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या कर दी गयी थी। पूर्व विधायक की हत्या के बाद हुई हिंसा और लोगों के आक्रोश को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दिया था। इस हत्याकांड में जीयनपुर कोतवाली के छपरा सुल्तानपुर गांव निवासी माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह सहित उसके सहयोगी जेल में बंद है। पूर्व विधायक की हत्या की प्रतिदिन सुनवाई हो रही है। अभी तक पूर्व विधायक की हत्या में केवल उनके भाई संतोष सिंह टीपू की गवाही हो सकी है। जबकि दूसरा सबसे मजबूत गवाह पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह थे, जिनकी इसी सप्ताह कोर्ट में गवाही थी। लेकिन उससे पहले उनकी हत्या कर दी गयी। अजीत सिंह की हत्या के बाद जहां पूर्व विधायक का परिवार सदमें में है, वही गवाह भयभीत हो गये है। गुरूवार को पूर्व विधायक के भाई संतोष सिंह टीपू ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर सुरक्षा की मांग की है। 
पुलिस के सूत्र बतातें है कि माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू व अजीत सिंह के बीच गहरी दोस्ती थी। कुंटू सिंह का प्रभाव आजमगढ़ और आजमगढ़ से सटे मऊ जिले की कई सीटो पर नगर पंचायत, ब्लाक प्रमुख, बीडीसी, शराब के ठेके, नगर पालिका और नगर पंचायत के ठेके पर भी कुंटू का सिक्का चलता है। कुंटू की वजह से ही अजीत सिंह की पत्नी वर्ष 2010 से 2015 तक ब्लॉक प्रमुख रही थी। लेकिन वर्ष 2013 में बसपा विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के बाद तस्वीर बदल गयी। ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह और अजीत के बीच दरार पड़ गयी। क्योकि पूर्व विधायक की हत्या में अजीत सिंह गवाह बन गये थे। कुंटू से अनबन के बाद अजीत सिंह ने अपने खास शूटर मोहर सिंह के साथ माफिया मुख्तार अंसारी का दामन थाम लिया था और कई ठेके भी मुख्तार के दम पर अजीत सिंह ने हथिया लिये थे। 
डीआईजी आजमगढ़ रेंज  सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि लखनऊ पुलिस मामले की जांच कर रही है। अजीत सिंह की हत्या से जो आजमगढ़ कनेक्शन बन रहा है, उसे लेकर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि गवाहों की सुरक्षा  के लिए संतोष सिंह टीपू और अन्य लोगों को सुरक्षा दी गयी है, अगर अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत होगी तो उसे भी मुहैया करायी जायेगी। 

RELATED ARTICLES

Most Popular