अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया इमाम हुसैन व उनके साथियों का चेहल्लुम

– कोरोना काल में नही उठा जुलूस,घरों और इमामबाड़ों में मजलिस

वाराणसी(हि.स.)। इमाम हुसैन व उनके साथियों का 1382वां चेहल्लुम गुरुवार को अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। कोरोना काल में जगह-जगह से अलम और ताजिए का जुलूस नही उठा। शिया समुदाय के लोगों ने अपने घरों और इमामबाड़ों में मजलिस का आयोजन कर इमाम हुसैन के कुर्बानी को याद किया। ‘जिक्रे इमाम हुसैन’ और ‘दीन-ए-इस्लाम’ के लिए दी गई कुर्बानी को याद कर लोग गमगीन हो गए।
 शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने बताया कि अलम ताबूत की जियारत के लिए सुबह से देर रात लोग इमाम हुसैन के रौजे पर पहुंचते रहे। 
उन्होंने बताया कि शिवपुर,अर्दली बाजार,दोषीपुरा,कच्चीबाग,चौहट्टा लाल खां,तेलियानाला,रामनगर शिवाला,मदनपुरा,पत्थर गलिया,कच्ची सराय,दालमंडी, आदि इलाकों से शहर की 28 अंजूमने जुलूस उठाती थी। लेकिन शासन के गाइड लाइन का पालन कर नही उठाई गई। 
उन्होंने बताया कि बनारस में इमाम हुसैन का रौजा दरगाहे फातमान,सदर इमाम बाड़ा लाट सरैया, रामनगर टेंगरा मोड़ पर है। उन्होंने बताया कि ख्वातीन की मजलिस घर-घर हुई। देर रात तक या हुसैन की सदा गूंजती रही। इस दौरान हाय हुसैन-हाय शहीदाने कर्बला का नौहा पढ़ा गया। 

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