Wednesday, January 14, 2026
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Pension Scheme को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला!

यूनिफाइड Pension Scheme या नेशनल Pension Scheme चुनने के लिए 3 माह की अतिरिक्त राहत

नेशनल डेस्क

नई दिल्ली। Pension Scheme को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब कर्मचारियों को तय करने के लिए तीन महीने और मिलेंगे कि वे यूनिफाइड Pension Scheme (UPS) को चुनना चाहते हैं या नेशनल Pension Scheme (NPS) के साथ बने रहना चाहते हैं। अब यह निर्णय लेने की अंतिम तारीख 30 जून 2025 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दी गई है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। इस निर्णय से देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

पेंशन से जुड़े इस संवेदनशील निर्णय को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। Stakeholders द्वारा समयसीमा बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही थी। सरकार ने इस मांग को ध्यान में रखते हुए अब चयन की डेडलाइन तीन माह बढ़ाने का फैसला लिया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से साझा की गई है।

सरकारी कर्मचारी UPS चुनेंगे या NPS, इसका निर्णय कर्मचारी को खुद करना होगा। यदि तय समय सीमा में कर्मचारी कोई विकल्प नहीं चुनता है, तो यह माना जाएगा कि उसने NPS को ही स्वीकृति दी है।

क्या है UPS और NPS में अंतर?
Pension Scheme के अंतर्गत यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की शुरुआत 1 अप्रैल 2025 से की गई है। UPS के तहत कर्मचारियों को निश्चित पेंशन भुगतान और रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि मिलती है। वहीं NPS में यह लाभ सुनिश्चित नहीं होता। NPS बाजार आधारित प्रणाली है जबकि UPS में स्थिरता है।

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जो कर्मचारी UPS को एक बार चुन लेता है, वह फिर NPS में वापस नहीं जा सकता। यह विकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय होता है। UPS के तहत चुने गए कर्मचारी का फंड सीधे संबंधित PRAN में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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कौन कर सकता है UPS का विकल्प चयन?
Pension Scheme के अंतर्गत UPS का विकल्प चुनने के लिए केंद्र सरकार ने स्पष्ट मापदंड तय किए हैं:
ऐसे केंद्रीय कर्मचारी जो 1 अप्रैल 2025 तक सेवा में हैं। वे कर्मचारी जो 31 मार्च 2025 को या उससे पहले रिटायर हो चुके हैं और उनकी सेवा न्यूनतम 10 वर्षों की रही हो। ऐसे रिटायर्ड कर्मचारी जिन्हें Fundamental Rule 56(j) के तहत सेवानिवृत्त किया गया हो, बशर्ते यह सजा न मानी गई हो। किसी मृतक पेंशनभोगी का कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी भी UPS के तहत पात्र माना गया है।

ग्रेच्युटी का लाभ और UPS की खासियत
हाल ही में सरकार ने UPS चुनने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ भी देने की घोषणा की थी। यह एक बड़ा फैसला था जिससे UPS के पक्ष में झुकाव और अधिक हो गया है। UPS को NPS के स्थान पर शुरू किया गया है ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अधिक आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

Pension Scheme को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और मांगों को देखते हुए सरकार की ओर से यह कदम स्वागतयोग्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि समयसीमा में यह वृद्धि कर्मचारियों को सोच-समझकर निर्णय लेने का अवसर प्रदान करेगी।

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नवीनतम अपडेट के लिए क्या करें कर्मचारी?
जो कर्मचारी UPS में स्विच करना चाहते हैं, उन्हें यह कार्य तय प्रक्रिया और दस्तावेज़ों के साथ 30 सितंबर 2025 तक पूरा करना होगा। एक बार यदि कोई कर्मचारी यह विकल्प चुनता है, तो वह वापस NPS में नहीं जा सकता। इसलिए यह निर्णय पूरी तरह सोच-विचार कर ही लिया जाना चाहिए।

इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित विभागीय वेबसाइट और कार्मिक विभाग की अधिकारिक अधिसूचनाएं पढ़ी जा सकती हैं। सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन विकल्प भरने की प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है।

कर्मचारियों के हित में फैसला
Pension Scheme को लेकर केंद्र सरकार का यह फैसला कर्मचारियों के हित में है। इससे उन्हें अपने भविष्य की योजना और वित्तीय निर्णय के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। UPS और NPS के बीच चयन को लेकर भले ही निर्णय व्यक्तिगत हो, लेकिन इसका असर रिटायरमेंट के बाद की वित्तीय स्थिरता पर होता है। सरकार द्वारा तीन महीने की डेडलाइन विस्तार को कर्मचारियों ने राहत भरा कदम माना है।

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