Sunday, February 8, 2026
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अब थानों का चक्कर काटने से मिलेगी फुर्सत!

अब ऑनलाइन होगी पोस्टमार्टम और MLC रिपोर्टिंग, जांच में आएगी क्रांति

राज्य डेस्क

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब एमएलसी, मेडिको लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की व्यवस्था डिजिटल हो रही है। वर्षों से चली आ रही मैनुअल प्रक्रिया को खत्म करते हुए गृह विभाग ने एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। अब ये रिपोर्टें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी, जिससे न केवल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सरल होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इस नवाचार प्रणाली को 15 अगस्त तक लागू करने के स्पष्ट निर्देश गृह विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को दिए हैं। विभाग के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को पहले ही आवश्यक प्रशिक्षण दे दिया गया है।

एमएलसी रिपोर्ट अब ऑनलाइन!
गृह विभाग का यह निर्देश पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब एमएलसी, पोस्टमार्टम और मेडिको लीगल केस रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से संबंधित पोर्टल पर दर्ज होंगी। इससे न सिर्फ प्रक्रिया पारदर्शी होगी बल्कि कई स्तरों पर भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। अब तक आम जनता को एमएलसी रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल और पुलिस थाने के बीच बार-बार दौड़ना पड़ता था। इस नई व्यवस्था से यह झंझट खत्म होगा।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी डॉक्टरों की गवाही
न्यायिक प्रक्रिया में भी एमएलसी रिपोर्टों की भूमिका अहम होती है। लेकिन अब डॉक्टरों को कोर्ट में गवाही देने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होना पड़ेगा। उन्हें यह सुविधा दी जाएगी कि वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही दे सकें। इससे न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और डॉक्टरों के बहुमूल्य समय की भी बचत होगी।
वर्तमान में प्रदेश के 10 जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द ही यह सुविधा सभी जिलों के अस्पतालों में सक्रिय हो जाए।

संवेदनशील स्थानों की सूची और आपदा प्रबंधन की तैयारी
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव जेएन कसोटिया ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील स्थानों की पहचान करें और ऐसी जगहों की सूची बनाएं जहां आपात siren की जरूरत हो सकती है। इसका उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम और ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की जाए, ताकि बाढ़, भूकंप, या अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

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एमएलसी रिपोर्टिंग सिस्टम से मिलेंगी ये सुविधाएं
यह ऑनलाइन एमएलसी प्रणाली आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगी। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
थानों के चक्कर से मुक्ति: अब रिपोर्ट सीधे पोर्टल पर मिलेगी।
समय की बचत: रिपोर्ट तुरंत ऑनलाइन मिलेगी।
पारदर्शिता: विभागीय प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
गंभीर अपराधों की विवेचना में तेजी: डिजिटल रिपोर्टिंग से कोर्ट में चालान दाखिल करने की प्रक्रिया तेज होगी।
आपातकालीन स्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया: समय रहते अलर्ट और एक्शन संभव होगा।

अस्पतालों को तैयार रखने के आदेश
कसोटिया ने यह भी निर्देश दिया है कि जिले के अस्पतालों को आपदा या दुर्घटना के समय पीड़ितों के तत्काल उपचार के लिए पूरी तरह से तैयार रखा जाए। इसके तहत दवाएं, डॉक्टरों की उपलब्धता और एंबुलेंस सेवाओं की तत्परता को सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

तकनीक के सहारे न्याय और स्वास्थ्य सेवा में नई शुरुआत
एमएलसी रिपोर्टिंग को ऑनलाइन करने का फैसला मध्य प्रदेश सरकार का साहसिक कदम है, जो डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे जहां जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी, वहीं आम लोगों को भी राहत मिलेगी। जिन चुनौतियों से वर्षों तक जूझते रहे नागरिक और विभाग, वे अब एक क्लिक की दूरी पर सुलझ सकेंगी। आने वाले समय में अगर यह मॉडल सफल होता है, तो पूरे देश में इसे लागू किया जा सकता है।

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