Tuesday, January 13, 2026
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कानपुर हत्याकांडः मां ने डाटा, तो बेटे ने दुपट्टे से गला घोंटा!

तेज गाना बजाने को लेकर मां ने नाबालिग बेटे को लगाई थी फटकार

इंटर मीडिएट में पढ़ रहे बच्चे में अतिशय क्रोध बना कानपुर हत्याकांड का कारण

प्रादेशिक डेस्क

कानपुर। कानपुर में नाबालिग बेटे द्वारा मां की हत्या किए जाने की घटना ने पारिवारिक मूल्यों, किशोर मानसिकता और समाज में पनपती संवेदनहीनता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। महज तेज आवाज में गाना सुनने पर टोकना एक मां के लिए मौत का कारण बन जाएगा, यह शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। रावतपुर थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपनी मां की गला घोंटकर इसलिए हत्या कर दी क्योंकि मां ने तेज गाने पर उसे डांटा और स्पीकर तोड़ दिया।

स्पीकर पर तेज गाने से शुरू हुआ विवाद बना ‘कानपुर हत्याकांड’
मंगलवार को जब छात्र अपने घर में किचन में बर्तन साफ करते हुए स्पीकर पर तेज गाने सुन रहा था, उस समय उसकी मां दूसरे कमरे में आराम कर रही थीं। मां ने जब बेटे को आवाज दी, तो शोर के कारण वह नहीं सुन सका। नाराज होकर मां ने स्पीकर पटककर तोड़ दिया और दो थप्पड़ मार दिए। इसी बात से गुस्साए बेटे ने पहले मां को धक्का दिया, फिर उनकी नाक से खून निकलता देख डर गया कि अब डांट और मार पड़ेगी। उसने आवेश में आकर मां का दुपट्टा लिया और उसी से उनका गला कसकर जान ले ली।

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दीवान में छिपा दिया शव, छोटे बेटे की चीख से खुला राज
वारदात के वक्त घर में केवल मां और बड़ा बेटा मौजूद थे। छोटा बेटा स्कूल गया हुआ था। शाम करीब चार बजे जब वह लौटा, तो कई बार मां को आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कमरे में जाकर देखा तो दीवान अधखुला था और उसमें से मां का दुपट्टा बाहर लटक रहा था। जब उसने दीवान खोला, तो मां बेसुध पड़ी थीं और सांसें टूट रही थीं। उसकी चीख पर पड़ोसी पहुंचे और मां को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मां के साथ लिव-इन में रह रहा था कानपुर हत्याकांड का युवक
35 वर्षीय महिला पिछले कई वर्षों से एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थीं। पति की 17 साल पहले मृत्यु हो चुकी थी। उनके 17 वर्षीय और 15 वर्षीय दो बेटे हैं। लिव-इन में रहने वाला युवक अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहता था और घटना के समय बरेली गया हुआ था।

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कानपुर हत्याकांड ने उभारा किशोर मानसिकता का खतरा
कानपुर पुलिस के अनुसार, कानपुर हत्याकांड के आरोपी छात्र के व्यवहार में साइकोटिक प्रवृत्ति दिखाई दे रही है। पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली है और पूरी वारदात विस्तार से बताई है। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि स्पीकर को लेकर हुए विवाद में हत्या की पुष्टि हुई है और आरोपी छात्र से पूछताछ जारी है।

पड़ोसियों में भय और शोक का माहौल
घटना के बाद रावतपुर क्षेत्र में दहशत और स्तब्धता का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि मृतका अपने बच्चों को अकेले पाल रही थीं और अक्सर शांत स्वभाव की दिखती थीं। कोई सोच भी नहीं सकता था कि कानपुर हत्याकांड जैसी घटना उनके घर में घटेगी।

क्या बिगड़ रहा है समाज का मानसिक संतुलन?
यह घटना समाज को एक गंभीर चेतावनी देती है। किशोरों में आक्रोश, असंवेदनशीलता और मोबाइल-इंटरनेट युग में पनपती अलगाव की भावना अगर समय रहते नहीं रोकी गई, तो कानपुर हत्याकांड जैसे मामले दोहराए जा सकते हैं। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, पूरे समाज की विफलता का आईना बन गई है।

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