मांगों पर सहमति न बनने के कारण 27, 28 नवम्बर को भी रहेगी हड़ताल : दीनानाथ
अधिवक्ता लिपिकों के साथ ही स्टाम्प वेण्डर्स यूनियन ने भी दिया आन्दोलन को समर्थन
नोटरी कार्य भी पूर्णतः रहा बन्द, रजिस्ट्री आफिस में भी नहीं हुआ कोई काम, मुआयना कार्य भी रहा बाधित
जानकी शरण द्विवेदी
गोण्डा। तहसील मुख्यालयों पर ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध के साथ ही कई अन्य स्थानीय मांगों को लेकर चलाया जा रहा संयुक्त अधिवक्ता संघों का धरना प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जनपद न्यायाधीश ने अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को आज वार्ता के लिए बुलाया किन्तु मांगों पर सहमति न बन पाने के कारण शुक्रवार व शनिवार को भी पूर्व की भांति धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। खास बात यह रही कि गुरुवार से अधिवक्ता संघ के समर्थन में नोटरी अधिवक्ता संघ, स्टाम्प वेण्डर्स यूनियन तथा अधिवक्ता लिपिक संगठन भी आ गया है। परिणाम स्वरूप कचहरी में आज किसी भी प्रकार को कार्य नहीं हो पाया। कार्यक्रम को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र त्रिपाठी, महामंत्री मनोज कुमार सिंह व प्रदीप कुमार पाण्डेय समेत अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सम्बोधित किया। तहसीलों पर मुंसिफ न्यायालय व ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध में अधिवक्ताओ ने आज दीवानी कचहरी के गेट नम्बर तीन पर धरना-प्रदर्शन करते हुए आक्रोश व्यक्त किया।
धरना को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अगर मुंसिफ न्यायालय व ग्राम न्यायालय तहसीलां के प्रांगण में स्थापित हो गया तो पीठासीन अधिकारियां का सम्मान राजनेताआें के हाथ में बंधुआ हो जाएगा। गरीबों मजलूमो को न्याय मिलना दूर, उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय होगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनानाथ त्रिपाठी ने कहा कि इतने बड़े आन्दोलन को सफलता पूर्वक लगातार तीसरे दिन चलाने में समस्त अधिवक्ताआें के साथ ही हनुमान जी का भी पूरा सहयोग प्राप्त है। जहां कचहरी के सभी अधिवक्ताओं, नोटरी अधिवक्ता, स्टाम्प वेण्डर्स व अधिवक्ता मुंसियों का समर्थन प्राप्त हुआ है, वहीं कचहरी छोड़कर बंदरां ने भी समर्थन सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे दिन धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर जनपद न्यायाधीश ने अधिवक्ताआें की मांग पर वार्ता करने के लिए बुलाया था, किन्तु वार्ता से कोई सम्मान जनक समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को सभी मांगां को जब तक पूर्णरूपेण नहीं मान लिया जाता और लिखित रूप में हमें आश्वस्त नहीं किया जाता है, तब यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने वीरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार का धरना-प्रदर्शन गेट नम्बर तीन पर न करते हुए गेट नम्बर दो पर होगा। साथ ही कोबिड-19 का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने निर्धारित समय से धरना प्रदर्शन व विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविन्द कुमार पाण्डेय ने आज के धरना प्रदर्शन में उपस्थित सभी अधिवक्ताओ का आभार व्यक्त करते हुए उनसे विनम्र निवेदन करते हुए कहा कि कुछ हमारे अधिवक्ता साथी जो कलेक्ट्रेट परिसर मे बैठे रहते हैं, उनसे बार-बार धरना-प्रदर्शन स्थल पर आने के लिए निवेदन करना पडता है। तब जाकर कुछ आते हैं। कुछ साथी कहते हैं कि अभी अभी वहां से आ रहा हूं। उन सभी साथियों से सादर अनुरोध है कि आप सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक निर्धारित धरना-प्रदर्शन स्थल पर रहें। हमें आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि कल आप समय से आकर और भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराकर धरने को धार देने का काम करेंगे। उन्होंने धरना-प्रदर्शन स्थल पर आये समस्त पत्रकार साथियो के साथ-साथ पुलिस बल, मुंशी व स्टाम्प वेण्डर के सहयोग के लिये भी आभार ज्ञापित किया। आज के धरना-प्रदर्शन का संचालन महामंत्री द्वय प्रदीप कुमार पांडेय व मनोज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। वादकारियों व अधिवक्ताओं के हित में हो रहे इस आन्दोलन में अधिवक्ता लिपिक संघ के अध्यक्ष राम छवि वर्मा ने कहा कि जब तक संयुक्त बार एसोसिएशन का आन्दोलन चलेगा, तब तक हमारा संगठन भी उनके कदम से कदम मिलाकर सहयोग करता रहेगा।
इस धरना प्रदर्शन में गोकरन नाथ पाण्डेय, राम कृपाल शुक्ल, माधव राज मिश्र, सुरेश प्रसाद पाठक, बिन्देश्वरी प्रसाद दूबे, अनिल सिह, राजेश मिश्र, राम बुझारत द्विवेदी, उपेन्द्र मिश्र, जमील खां, अनिल सिंह, इकबाल बहादुर श्रीवास्तव, महराज कुमार श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, विजय प्रकाश त्रिपाठी, कौशल किशोर पाण्डेय, रमेश कुमार दूबे, अनुपम शुक्ल, राजकुमार चतुर्वेदी, गिरवर चतुर्वेदी. रजनीश पाण्डेय, रामू प्रसाद, सन्तोष कुमार ओझा, विश्वनाथ सिंह, भगौती प्रसाद, भगौती प्रसाद मिश्र, जय दिनेश शुक्ल, प्रभात शुक्ल, उत्कर्ष त्रिपाठी, भगौती प्रसाद पाण्डेय, जितेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, रुचि मोदी, लक्ष्मी कान्त तिवारी, राहुल, राजीव कुमार, अजय तिवारी त्रिपाठी, जगन्नाथ शुक्ल, अविनाश पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

