नेशनल डेस्क
जम्मू। केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे को आधुनिक रूप देने के निरंतर प्रयासों के तहत शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिनाब ब्रिज उद्घाटन कर देश को एक ऐतिहासिक सौगात दी। दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज पर पहुंचकर प्रधानमंत्री ने तिरंगा लहराया और इंजीनियरिंग की इस अद्भुत मिसाल को करीब से देखा।
चिनाब ब्रिज उद्घाटन के जरिए दशकों से अधूरी पड़ी जम्मू और श्रीनगर के बीच रेल कनेक्टिविटी की उम्मीद अब पूरी हुई है। यह पुल, जो चिनाब नदी पर 359 मीटर ऊंचाई पर बना है, न केवल इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि यह राष्ट्र की इच्छाशक्ति का भी प्रतीक बन गया है। ब्रिज को ऐसे क्षेत्र में बनाया गया है जो भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन-5 में आता है और जहां 260 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलती हैं। इसके बावजूद इसे मजबूत और सुरक्षित तरीके से निर्मित किया गया है।
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चिनाब ब्रिज उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी की उपस्थिति ने इसे एक यादगार अवसर में बदल दिया। उन्होंने तिरंगा फहराकर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री के इस दौरे को पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनका पहला जम्मू-कश्मीर दौरा माना जा रहा है, जिससे इस यात्रा का राजनीतिक और भावनात्मक महत्व और भी बढ़ गया है। चिनाब ब्रिज उद्घाटन के साथ ही दो नई वंदे भारत ट्रेनों का भी लोकार्पण किया गया है, जो फिलहाल कटरा से श्रीनगर तक चलेंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जम्मू स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा होते ही ये ट्रेनें जम्मू से श्रीनगर तक के पूरे रूट पर चलाई जाएंगी।

चिनाब ब्रिज उद्घाटन के साथ यह बताना जरूरी है कि इस ब्रिज की डिजाइनिंग और निर्माण प्रकृति के अनुरूप की गई है। इंजीनियरों ने विंड टनल फिनोमेना जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस ब्रिज को आधुनिकतम तकनीक के साथ डिजाइन किया है। चिनाब ब्रिज उद्घाटन के साथ ही एक और महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजना अंजी ब्रिज भी पूर्णता के करीब है। ये दोनों ब्रिज जम्मू-कश्मीर को भारतीय रेल के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएंगे।
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इस ब्रिज के चालू होने से न केवल जम्मू-कश्मीर के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी यह सेना के लिए सहायक सिद्ध होगा। यह ब्रिज दुर्गम इलाकों तक सेना की पहुंच को मजबूत करेगा। चिनाब ब्रिज उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी की उस विकासशील दृष्टिकोण की मिसाल है, जिसमें दूरदराज के क्षेत्रों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता दिखाई देती है। यह न सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
चिनाब ब्रिज उद्घाटन के साथ जम्मू-कश्मीर अब रेल नेटवर्क से मजबूती से जुड़ गया है। यह पुल न केवल निर्माण तकनीक में उत्कृष्टता का उदाहरण है, बल्कि यह पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम भी है।
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