पाकिस्तानी नेता को इस्लाम का पाठ पढ़ाकर चौंका दिया सबको!
भारत पर उंगली उठाने पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, बोले-पहले अपने मुल्क को आइना दिखाओ
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली। भारत को घेरने की कोशिश पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो को भारी पड़ गई है। उनके संयुक्त राष्ट्र में दिए बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इस्लाम और कुरान की सही समझ का पाठ पढ़ा दिया। असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिलावल जैसे लोग दीन के ठेकेदार बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन न उन्हें इस्लाम का सही मतलब आता है, न कुरान और सुन्नत की तालीम। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद को बढ़ावा देता है और भारत जैसे देशों को उलाहना देने का कोई नैतिक अधिकार उसे नहीं है।
बिलावल की टिप्पणी पर फूटा गुस्सा
बिलावल भुट्टो ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि भारत में हर मुस्लिम को शैतान के रूप में देखा जाता है। इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत का मुसलमान होने पर उन्हें गर्व है और ऐसे बयान पाकिस्तान की कमजोरी को दिखाते हैं। ओवैसी ने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तानी नेताओं को अपनी जिम्मेदारी निभाने से पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए।
पाकिस्तान के आतंकवाद पर सीधा हमला
असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि उनके ही प्रधानमंत्री रहे बेनजीर भुट्टो की हत्या आतंकवादियों ने की, और उस मामले की जांच को खुद संयुक्त राष्ट्र ने ’घटिया’ बताया था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जगह हमला हुआ था, वहां पानी डालकर सबूत मिटा दिए गए। उनके अनुसार पाकिस्तान में जो आतंकवाद की खेती होती है, उस पर वहां के नेता मौन क्यों रहते हैं? क्या ये इस्लाम के अनुयायियों का आचरण है?
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गरीबी, बेरोजगारी और पोलियो पर भी उठाए सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तानी समाज की सच्चाई सामने रखते हुए कहा कि जिनको इस्लाम से इतनी मोहब्बत है, उनके देश में आज भी पोलियो जैसी बीमारी फैल रही है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के दो ही देश हैं जहां पोलियो अब भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में 40 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे है और 9 फीसदी लोग बेरोजगार हैं। वहां के 22-23 मिलियन बच्चे छह से 11 साल की उम्र में स्कूल नहीं जाते, लेकिन पाकिस्तानी नेता संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने को प्राथमिकता देते हैं।
मुस्लिमों की हिफाजत भारत में बेहतर
असदुद्दीन ओवैसी ने ज़ोर देकर कहा कि भारत में मुसलमानों को संविधान के तहत पूरी सुरक्षा प्राप्त है और भारत में रहना उन्हें गर्व की अनुभूति कराता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसे देशों को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने देश की हालत सुधारनी चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान खुद अफगानिस्तान की नई सरकार पर गोली चलाता है, ईरानी चौकियों पर हमला करता है और बलूचियों का नरसंहार करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वहां के मुसलमान नहीं हैं? पाकिस्तान का मुस्लिम प्रेम केवल बयानबाजी तक सीमित क्यों है?
ओवैसी की प्रतिक्रिया ने खोल दी पाकिस्तान की पोल
असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया ने पाकिस्तानी नेताओं को करारा जवाब दिया है। उन्होंने इस्लाम और कुरान के बहाने भारत को घेरने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को न केवल तथ्यों से परास्त किया बल्कि विश्व समुदाय के सामने उसकी खोखली नीतियों की असलियत उजागर कर दी। ओवैसी का यह बयान न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह साफ हो गया है कि भारत में मुसलमानों की स्थिति को लेकर पाकिस्तान की बयानबाजी केवल राजनीतिक लाभ के लिए होती है, न कि किसी वास्तविक चिंता से प्रेरित।
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