Thursday, May 28, 2026
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शक्ति के सहारे शक्ति दिखाएंगी प्रियंका, राहुल गांधी ढाई साल बाद अमेठी में करेंगे पदयात्रा

-कांग्रेस के किले में प्रियंका राहुल का संवाद, निराश कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश

रायबरेली (हि.स.)। उप्र में कांग्रेस के एकमात्र किले और परम्परागत रूप से गांधी परिवार से जुड़ी रायबरेली और अमेठी से प्रदेशभर में संदेश देने की तैयारी है। अगले दो दिन प्रियंका वाड्रा जहां रायबरेली में शक्ति संवाद के जरिये अपनी शक्ति दिखाएंगी तो वहीं करीब ढाई साल बाद राहुल गांधी महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे। इसे रायबरेली और अमेठी के दरकते किले से कार्यकर्ताओं में शक्ति संचार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

अरसे बाद यह पहला मौका होगा जब अमेठी और रायबरेली में प्रियंका और राहुल जनता से सीधा संवाद करेंगे। अमेठी के बाद जिस तरह से रायबरेली में कांग्रेस पार्टी की हालत हो रही है, इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश नहीं है। चुनावी मौसम में प्रियंका और राहुल के दौरे से कार्यकर्ताओं को एक उम्मीद जरूर दिख रही है।

” शक्ति संवाद” के जरिए शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

प्रियंका वाड्रा का रायबरेली दौरा 19 दिसम्बर को है, जहां वह शहर के रिफार्म क्लब में महिलाओं से संवाद करेंगी। इस कार्यक्रम में करीब पांच हजार महिलाओं को बुलाया गया है।

प्रियंका महिलाओं को पार्टी से लगातार जोड़ने में जुटी हुई हैं, उनकी प्रतिज्ञा में छात्राओं को लैपटॉप और स्कूटी देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही 40 प्रतिशत महिलाओं को विधानसभा चुनावों में टिकट देने की बात की जा रही है। हालांकि प्रियंका की रायबरेली में डगर कठिन है, वर्तमान में पार्टी के दोनों विधायक साथ में नहीं है, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित विधान परिषद भी हाथ से चला गया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के ग्राफ में गिरावट आई है। ऐसे में रायबरेली में जनता को अपने साथ जोड़ना और भाजपा को शक्ति का एहसास कराना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

ढाई साल बाद अमेठी में राहुल की पदयात्रा

अमेठी की राहुल गांधी का दौरा शनिवार को होगा,जहां वह महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे। इस यात्रा में राहुल के साथ प्रियंका गांधी भी होंगी। जहां वह जगदीशपुर से हारीमऊ तक लगभग छह किमी तक भाजपा भगाओ, मंहगाई हटाओ प्रतिज्ञा पदयात्रा में शामिल होंगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल द्वारा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों से दस हजार से अधिक कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल होने की बात कही जा रही है।

अमेठी में दो बार ही कांग्रेस की पराजय हुई है। 2019 में राहुल गांधी की हार के बाद स्थानीय कार्यकर्तओं में निराशा है। इस पदयात्रा के जरिये पार्टी एक बार फ़िर उत्साह जगाने का काम करेगी, जिसका आगामी विधानसभा चुनाव में कितना असर पड़ेगा यह तो समय बताएगा लेकिन राहुल और प्रियंका के दौरे से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल जरूर तेज़ हो गई है।

रजनीश/प्रभात

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