Saturday, June 13, 2026
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 यूपी विस सत्र : पसीना बहाया तब बदला ‘परसेप्शन’ : योगी

– मुख्यमंत्री योगी ने विधान परिषद में बजट पर चर्चा करते हुए गिनाईं सरकार की उपलब्धि

– यूपी में 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव टीम यूपी की छह साल की मेहनत का नतीजा

लखनऊ(हि.स.)। बजट पर विधान सभा में विपक्ष को करारा जवाब देने के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बजट पर चर्चा करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उनका फोकस फरवरी में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर रहा। उन्होंने कहा कि हमने फरवरी 2018 में यूपी इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। 2023 में फिर से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट किया गया। पहले जहां 4.68 लाख करोड़ के प्रस्ताव आते थे, आज उसी यूपी में 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव आए हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि केवल एनसीआर तक ही ये सीमित नहीं है, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में लाखों करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके लिए अभियान चलाना पड़ा। साल तक टीम यूपी लगातार काम करती रही, पसीना बहाया तब ‘परसेप्शन’ बदला। हमारे पास आज बेहतर कनेक्टिविटी है, एक्सप्रेस-वे, रेल नेटवर्क, एयर नेटवर्क है। हमने सेक्टोरल पॉलिसी बनाई और उसमें कार्ययोजना बनाकर अपने परिश्रम को आगे बढ़ाया। पॉलिसी बनाई गई, एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाकर, 64 हजार हेक्टेयर भूमि का लैंडबैंक बनाकर भूमाफिया से मुक्त कराया। परिणाम हमारे सामने है।

राज्य के हर क्षेत्र में आ रहा निवेश

मुख्यमंत्री योगी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस बार हमारे डिप्टी सीएम और वरिष्ठ मंत्रीगण जिस देश में गए, उनका हर जगह सम्मान के साथ स्वागत हुआ। पहले यूपी के इन्वेस्टर्स समिट लखनऊ में न होकर दिल्ली और मुम्बई में होते थे। पूछा जाता था कि यूपी में क्यों नहीं करते तो जवाब मिलता था कि यूपी में कोई नहीं आएगा।

यूपी की अर्थव्यवस्था में विकास को दिखाता है ये बजट

सीएम योगी ने कहा कि भाजपा पांच साल तक प्रदेश में सफलतापूर्वक शासन करने के बाद फिर से दो तिहाई बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता में आई है। 2016 का बजट 3.29 लाख करोड़ का था। 2017 में 3.40 लाख करोड़ का बजट था। आज छह साल बाद हमने 6.90 लाख करोड़ का बजट सदन में पेश किया, जो प्रदेश के 25 करोड़ जनमानस की आकांक्षाओं के अनुरूप है। ये बजट यूपी की अर्थव्यवस्था में विकास को दिखाता है।

हम विकास की बात करते हैं, वो जाति की बात करते हैं

मुख्यमंत्री योगी ने एक बार फिर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि मैंने कल भी कहा था कि समस्या के समाधान के दो रास्ते होते हैं, या तो उसमें भाग लो या उससे भाग लो। हमारे पास समाधान करने वाली टीम है। जब हम वसुधैव कुटुम्बकम की बात करते हैं तो वो जाति की बात करते हैं। जब हम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की बात करते हैं तो वह जाति की बात करते हैं। जब हम बजट की बात करते हैं तो वो जाति की बात करते हैं। हमेशा दुनिया को परिवार माना है

मुख्यमंत्री ने जी-20 के आयोजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जी-20 के दो सम्मेलन यूपी में हो चुके हैं। यह दुनिया के 20 बड़े देशों का संगठन है। इनका दुनिया की 65 फीसदी आबादी, 75 फीसदी ट्रेड, 85 फीसदी से अधिक जीडीपी और 90 फीसदी रिसर्च पर अधिकार है। आजादी के अमृत वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत उसकी अध्यक्षता कर रहा है। आगरा और लखनऊ में इसके दो सम्मेलन हो चुके हैं। 20 बड़े देशों, भारत के नौ मित्र देश और सात अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। आवभगत से वे सभी अभिभूत थे। हमने वसुधैव कुटुम्बकम के भाव के साथ हमेशा दुनिया को परिवार माना है।

मुख्यमंत्री योगी ने विधान परिषद में सरकार की कार्यशैली और परिणाम के साथ-साथ विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य पर लोग शंका करते हैं, कहते हैं क्या ये संभव हो पाएगा? हम कहते हैं कि क्यों नहीं संभव होगा, नेक नीयत चाहिए। पिछले छह वर्ष की यात्रा ने असंभव को संभव करके दिखाया है। टीम यूपी ने 10 सेक्टर चिह्नित किये हैं, जिनपर सतत कार्य हो रहा है।

इस वित्तीय वर्ष में एक लाख 25 हजार करोड़ तक हमें प्राप्त होने जा रहा है। मार्च 17 तक स्टेट एक्साइज में 12 हजार करोड़ मिलते थे, आज ये राशि 45 हजार करोड़ की होने जा रही है। ये पैसा चोरी होता था तो लोग इंग्लैंड में होटल और ऑस्टेलिया में टापू खरीदते थे। जिस पैसे से गरीब, किसान, युवा बुजुर्ग के लिए योजनाएं बनाने के लिए खर्च होना चाहिए था। हमने बिना डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाये ये काम किया है। आज यूपी में सबसे कम रेट है।

प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने में मददगार होगा बजट

मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि इस बजट की थीम यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने वाला है। देश को पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए यूपी भी अपनी आबादी के हिसाब से सहभाग करने के लिए प्रयासरत हैं। आत्मनिर्भर यूपी की नींव को मजबूत करने के लिए ये बजट प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश में अब तक अलग-अलग थीम पर बजट प्रस्तुत किये गये हैं। हमारा पहला बजट किसानों, सिंचाई पर आधारित था। दूसरा अवस्थापना, तीसरा महिला सशक्तिकरण, चौथा बजट युवाओं के लिए, पांचवां बजट विभिन्न वर्गों के स्वावलंबन से जुड़ा हुआ था, जो अन्त्योदय से आत्मनिर्भर की ओर बढ़ने वाला बजट था। 2023-24 का ये बजट समावेशी, समग्र विकास की सोच के साथ एक आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लिए पेश किया गया है।

विकास के सही ट्रैक पर बढ़ रहा है यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गौरव की अनुभूति होती है कि यूपी आज वैल्यू सरप्लस स्टेट है। पहले बजट का आठ फीसदी भाग ऋण का ब्याज चुकता करने में जाता था, आज ये छह प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अमृत काल का प्रथम बजट देश के सबसे बड़े राज्य में तब सामने आया है जब यूपी ने कोरोना महामारी का प्रकोप झेला। आज यूपी से कोरोना समाप्त है। यूपी विकास के सही ट्रैक पर आगे बढ़ रहा है।

दिलीप शुक्ल/दधिबल

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