गोरखपुर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर लगातार काम कर रही योगी सरकार इस साल के अंत तक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू करने की तैयारी में है। अगस्त के तीसरे सप्ताह तक इस एक्सप्रेस-वे का तीन चौथाई से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के माध्यम से गोरखपुर क्षेत्र का लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ाव हो जाएगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर बाईपास एनएच-27 जैतपुर गांव के पास से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त होगा। 91.352 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे की कुल लागत 5876.67 करोड़ रुपये है। इससे जनपद गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे तीव्र संपर्क तथा बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। साथ ही साथ संबंधित क्षेत्र के लोगों को भी एक दूसरे के निकट लाने में मदद करेगा।
यूपी एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर 25 अगस्त तक अद्यतन जानकारी के अनुसार गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का 79 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। क्लियरिंग एंड ग्रबिंग का काम 100 फीसद, मिट्टी का 96 फीसद पूरा कराया गया है। एक्सप्रेस-वे पर कुल प्रस्तावित 341 संरचनाओं में से 331 बन चुके हैं। अन्य के निर्माण कार्य तेजी पर हैं।
पिछले दिनों गोरखपुर के कमिश्नर अनिल ढींगरा ने बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए दिसम्बर 2023 तक एक्सप्रेस-वे को आवागमन योग्य बनाने का निर्देश दिया था। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने के बाद पूर्वांचल के एक बड़े क्षेत्र के लोगों को लखनऊ पहुंचने में बस साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा।
वरिष्ठ पत्रकार राजीवदत्त पाण्डेय कहते हैं कि दिल्ली से लेकर आगरा तक की यात्रा का भी लोग आनंद लोग ले सकेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका अनिता अग्रवाल का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे से अच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेस-वे से अच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन इकाइयों, विकास केंद्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा।
एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण के लिए योगी सरकार ने बजट में 200 करोड़ रुपये का आवंटन भी कर रखा है। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रियल एस्टेट मार्केट में भी उछाल आने की उम्मीद की जा रही है। एक्सप्रेसवे के निकट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान आदि की स्थापना के लिए भी अवसर सुलभ होंगे। एक्सप्रेस-वे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, भंडारण गृह मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा।
आमोदकांत/पवन
