Saturday, August 29, 2026
Homeउत्तर प्रदेशUP News : सिपाहियों ने याचिका दायर कर की पुरानी पेंशन बहाली...

UP News : सिपाहियों ने याचिका दायर कर की पुरानी पेंशन बहाली की मांग, नई पेंशन नीति को दी चुनौती

हाईकोर्ट के दो जजों की खंडपीठ ने केंद्र, राज्य सरकार व शीर्ष पुलिस अधिकारियों से चार सप्ताह में मांगा जवाब 

प्रयागराज (हि.स.)। यूपी के लगभग एक दर्जन जिलों में तैनात करीब एक हजार सिपाहियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2005 में नई पेंशन नीति लागू करने के आदेशों को चुनौती दी है। इन सिपाहियों ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग की है। 
इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जजों की खंडपीठ ने सिपाहियों की तरफ से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद भारत सरकार, यूपी सरकार एवं पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों समेत डीजीपी मुख्यालय, लखनऊ से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश जस्टिस एम एन भंडारी व जस्टिस एस एस शमशेरी की खंडपीठ ने जय नारायण व शिव प्रताप सिंह द्वारा सैकडों सिपाहियों की तरफ से दाखिल याचिकाओं पर दिया है। 
सिपाहियों की तरफ से बहस कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम का तर्क था कि केंद्र सरकार द्वारा पारित निर्णय के क्रम में यूपी सरकार द्वारा वर्ष 2005 में नई पेंशन योजना लाना संविधान के प्रावधानों के प्रतिकूल होने के कारण असंवैधानिक है। इस नीति को असंवैधानिक करार देने की कोर्ट में मांग की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा कहा गया है कि सरकार की नई पेंशन स्कीम संविधान के अनुच्छेद 21,14,16 व 39 के विपरीत होने के कारण असंवैधानिक है।
मालूम हो कि प्रदेश के जनपद मथुरा, आगरा, हापुड, गौतम बुद्ध नगर,  मेरठ, गाजियाबाद, कानपुर नगर, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर व बरेली में तैनात आरक्षियो ने यह याचिका दाखिल की है। इन आरक्षियों की नियुक्ति सपा शासनकाल में हुई थी। इनकी नियुक्ति को बाद में बसपा शासनकाल में निरस्त कर दिया गया था। इन आरक्षियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेवा में पुनः बहाल किया गया था। ये सभी आरक्षी बहाली के बाद अपने भर्ती तिथि से काम कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि सरकार ने उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ न देकर कानूनी भूल की है। नई पेंशन स्कीम में इन्हें शामिल करना गलत व असंवैधानिक है।

RELATED ARTICLES

Most Popular