Wednesday, February 11, 2026
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UP News : श्रीगोरक्ष शोध पीठ कर रहा नाथपंथ के मठों की जीआईएस मैपिंग की तैयारी

गोरखपुर (हि.स.)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का श्रीगोरक्ष शोध पीठ नाथपंथ के मठों की जीआईएस मैपिंग की तैयारी कर रहा है। इसे 20 मार्च के पहले पूरा कर लिया जाएगा और एक पुस्तक (हैंडबुक) के रूप में 20 मार्च से 22 मार्च तक विश्वविद्यालय में होने वाले नाथपंथ के ‘वैश्विक प्रदेय विषयक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार’ में इसे विमोचित किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक नाथपंथ से जुड़े इन सभी मठों, मंदिरों और शैक्षणिक केंद्रों की जानकारी हैंडबुक में संकलित की जाएगी। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग नाथपंथ और उसके वैश्विक योगदान के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।
हैंडबुक में यह मिलेगी जानकारी 
हैंडबुक में केंद्र की भौगोलिक स्थिति, पता, शोध और आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया जाएगा। तीन दिवसीय सेमिनार में देश विदेश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों, विद्वानों और नाथ पंथ के मठों से जुड़े विशिष्ट जन भाग लेंगे।
35 से 40 सत्रों में होगा सेमिनार
बताया जा रहा है कि सेमिनार में कुल 35 से 40 तकनीकी सत्र होंगे। समितियों की ओर से इसका खाका तैयार किया जा रहा है। सेमिनार के उद्घाटन और समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। 
अमेरिका, रूस, मॉरीशस के शामिल होंगे विद्वान
इस सेमिनार में देश-विदेश के नामचीन विद्वान शामिल होंगे। इनमें अमेरिका से कपिल नाथ, रूस से योगी मत्स्येन्द्र, मॉरिशस से डॉ. विश्वानन्द पुटिया, मध्यप्रदेश के डॉ. श्रीहरि सिंह गौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बलवंत जानी, इंडियन काउंसिल के चेयरमैन प्रो. आरसी सिन्हा, दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रो. सुधीर सिंह, महाराष्ट्र से योगी विलासनाथ, बांग्लादेश से डॉ. कुशल बी चक्रवर्ती, हिन्दू बुद्ध क्रिस्चियन ओकाया परिषद के अध्यक्ष प्रो. नीम चंद्र भौमिक, जेएनयू से प्रो. कपिल कपूर, रोहतक के बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के प्रो. रामसजन पांडेय, हिमांचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति प्रो. हरमहेन्द्र सिंह बेदी आदि शामिल हैं।
इन विषयों पर होगी चर्चा
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में नाथ पंथ के प्रत्येक उपविषय पर पांच तकनीकी सत्र होंगे। आयोजन समिति की ओर से सेमिनार के लिए जिन उपविषयों का चयन किया गया है, उनमें भारतीय योग परंपरा एवं नाथपंथ, दर्शन-साधना, साहित्य और नाथपंथ, राष्ट्र चिंतन, राष्ट्र निर्माण एवं नाथपंथ, नाथपंथ : सामाजिक, सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक आयाम चयनित हैं।
बोले कुलपति
इस संबंध में पंडित दीनदयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कहना है कि नाथपंथ सेमिनार की समीक्षा बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्घाटन और समापन सत्र में उपस्थित रहने की उम्मीद की जा सकती है। इस तीन दिवसीय सेमिनार में देश-विदेश के नामचीन विद्वान शामिल होंगे। चर्चा के विषय-उपविषय भी निर्धारित हैं।

Submitted By: Amod Kant Mishra Edited By: Rajesh Kumar Tiwari

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