लखनऊ (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा 2021-22 के लिए पेश किए गए बजट को लेकर लोगों की प्रतिकियाएं आने लगी हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ कारोबारियों ने कोरोना कालखंड में देश की सवा करोड़ जनता की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाला बताया है। तो वहीं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने इस बजट को व्यापारियों की आशा आशा को निराशा में बदलने वाला बताया है।
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल एवं फिक्की के संयुक्त तत्वाधान में बजट त्वचा का आयोजन सोमवार को एक होटल में हुआ। शहर के तमाम व्यापारियों, उद्योगपतियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं महिला व्यापारियों ने बजट चर्चा कार्यक्रम के दौरान बजट का प्रसारण देखते हुए बजट का आकलन किया।
समीक्षा के बाद एवं पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा आज का बजट व्यापारियों की आशा को निराशा में बदलता हुआ दिखाई दिया है। कहा कि आज के इस बजट से व्यापारियों को बड़ी उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने देश के व्यापारियों को अपने बजट में कुछ भी नहीं दिया। व्यापारियों को विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के चंगुल से छुटकारा पाने के लिए ई-कामर्स नीति की घोषणा की उम्मीद थी। लेकिन वित्त मंत्री की ओर से इसको लेकर कोई घोषणा नहीं की। साथ ही साथ आयकर के स्लैब में भी किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं किया ना ही व्यापारियों के लिए किसी प्रकार के ऋण की व्यवस्था की। ना ही जीएसटी में कोई व्यापक फेरबदल या सुधार किया। इससे व्यापारियों में निराशा देखी गयी है।
इस बजट चर्चा कार्यक्रम में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी ,संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद अफजल, युवा इकाई अध्यक्ष आशीष गुप्ता, महिला इकाई अध्यक्ष अनिला अग्रवाल, ट्रांस गोमती के अध्यक्ष अनिरुद्ध निगम, लखनऊ के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, लखनऊ के उपाध्यक्ष मोहित कपूर, संजय गुप्ता, गोपाल जालान, मनीष जैन, लखनऊ के महामंत्री विजय कनौजिया, अशोक भाटिया, रोहित जयसवाल आदि मौजूद
