-महामना जयंती पर स्वदेशी चिंतक का सम्मान, पुस्तक का विमोचन
वाराणसी (हि.स.)। पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर बुधवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू ) के संस्थापक भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय की जयन्ती (सनातन तिथि) मनाई गई। जयंती पर महामना मालवीय मिशन की ओर से वैदिक विज्ञान केन्द्र के सभागार में आयोजित गाष्ठी में जाने माने स्वदेशी चिंतक गोविन्दाचार्य ने महामना को याद किया।
महामना से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख कर गोविंदाचार्य ने कहा कि मालवीय जी उस काल के एक ऐसे व्यक्ति थे। जो मन, कर्म और वचन के समन्वय की मूर्ति थे। वे अपने आचार.व्यवहार से लोगों को प्रभावित कर लेते थे और विश्वविद्यालय के निहितार्थ उनसे सहयोग प्राप्त कर लेते थे।
गोविंदाचार्य ने कहा कि महामना को इस विश्वविद्यालय के संस्थापक से आगे बढ़कर उन्हें भारतीय पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए। मालवीय जी ने शिक्षा के माध्यम से देश को जागृत करने का कार्य किया। अधिकांश लोग महामना को बीएचयू के संस्थापक के रूप में जानते हैं। जबकि वे एक प्रखर राजनेता, भारतीय सनातन ज्ञान एवं परम्परा के प्रवक्ता, समाजसेवी, अधिवक्ता और पत्रकार भी थे। महामना ने गीता के जरिये भारतीय समाज में संस्कृत, संस्कृति और संस्कार पैदा करने का काम किया।उन्होंने कहा कि महामना से प्रेरणा प्राप्त कर वर्तमान चुनौतियों. जल, जंगल, जमीन एवं आजीविका का समाधान किया जा सकता है।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने कहा कि प्रख्यात चिन्तक गोविन्दाचार्य को भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय स्मृति सम्मान-2020 पुरस्कार से सम्मानित कर समाज को एक रचनात्मक संदेश दिया जा रहा है। इसके पहले इकाई के संगठन सचिव डॉ. प्रभाकर उपाध्याय ने मुख्य अतिथि गोविंदाचार्य का जीवन परिचय कराया। हिन्दी में सम्मान पत्र का वाचन डॉ. माधवी तिवारी तथा संस्कृत में सम्मान पत्र का वाचन प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने किया। अभिनन्दन के दौरान मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम् एवं माल्यार्पण तथा इकाई की तरफ से रू. 51000 रूपये का चेक दिया गया। सामाजिक चिंतक ने इस सम्मान राशि को वाराणसी में गौ सेवा के लिए कार्यरत संस्था को दान कर दिया। कार्यक्रम में प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी की पुस्तक वैदिक संस्कृति विमर्श का विमोचन भी गोविंदाचार्य ने किया।
बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर में रूद्राभिषेकमहामना की जयंती पर बीएचयू में बुधवार को परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में बाबा का रुद्राभिषेक किया गया। इस दौरान कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने वैदिक रीति रिवाजों के साथ बाबा का पूजन किया। इस अवसर पर रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, मंदिर के मानित व्यवस्थापक प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो, आनंद चौधरी, विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
जयंती पर परिसर में श्रीमदभागवत पारायण की पूर्णाहुति मालवीय भवन में हवन पूजन कर हुई। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर भी इसमें शामिल हुए। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. विंदेश्वरी प्रसाद मिश्र समेत संकाय के आचार्यों व छात्रों ने विधिवत पूजन अर्चन किया
